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संविधान ही गरीबाें, दलिताें और पिछड़ाें की असली ताकत : चंद्रशेखर

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संविधान ही गरीबाें, दलिताें और पिछड़ाें की असली ताकत : चंद्रशेखर


संविधान ही गरीबाें, दलिताें और पिछड़ाें की असली ताकत : चंद्रशेखर


कन्नौज, 04 फरवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में बुधवार काे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जनसभा को सम्बोधित किया। पार्टी के हजारों लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे। छिबरामऊ क्षेत्र के कपूरपुर गांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने भारतीय संविधान की मूल भावना, समानता, अधिकार और सामाजिक न्याय पर बात की। उन्होंने कहा कि संविधान ही देश के गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित समाज की असली ताकत है। जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, सबसे पहले आप लोगों की बुनियाद को मजबूत करेंगे। सरकारी स्कूलों में ऐसी शिक्षा व्यवस्था करेंगे, जिससे आपके बच्चों की अच्छे से पढ़ाई हो सके। सरकारी स्कूलों में ऐसी शिक्षा मिलेगी जो कि प्राइवेट स्कूलों में 20 हजार रुपये देने के बाद भी नहीं मिलती होगी। अच्छे-अच्छे धन्नासेठ सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों के एडमिशन कराएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों को सरकारी ठेके में जो आरक्षण मिलता था, उसको खत्म करने का काम किया है। आप सभी को दोस्त और दुश्मन में फर्क समझना पड़ेगा, अगर फर्क नहीं समझोगे तो कब दोस्त बनकर दुश्मन हमारी पीठ में छुरा भोंक देगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। एसआईआर में दलितों के वोट कटने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को इस ओर ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति हम सबको सतर्क रहना पड़ेगा, क्योंकि जिनको राजकाज का मौका मिला है,उनके द्वारा

आपके वोट साजिश के तहत काटने का काम किया जा रहा है। जब अफसरों से पूछा जाता है तो वे आपके खिलाफ आपत्ति आने का हवाला देते हैं। लेकिन आपत्ति दर्ज कराने वाले को पता ही नहीं होता है। जब उससे पूछा जाता है तो वह कहता है कि हमने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई और न ही फार्म पर मेरे साइन हैं। जिससे साबित होता है कि फर्जी नाम से फर्जी आपत्ति दर्ज कर वोट काटने का काम किया जा रहा है। ऐसी सरकार को सबक सिखाना होगा। उन्होंने कहा कि संविधान को सिर्फ किताब तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने व्यवहार और संघर्ष का आधार बनाने का प्रयास करें।

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव झा