कलायात्रा 3.0 में भारतीय शास्त्रीय, लोक और फ्यूजन डांस ने जीता दर्शकों का दिल
लखनऊ, 09 मई (हि.स.)। नृत्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी नृत्य फ्रोलिक डांस एकेडमी की ओर से आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम कलायात्रा 3.0 का भव्य आयोजन शनिवार को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्था की संस्थापिका एवं कथक गुरु पल्लवी प्रजापति के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इसमें भारतीय शास्त्रीय, लोक एवं फ्यूजन नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव थीं, वहीं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एस.पी.मिश्रा, भरत सिंह बिष्ट, आकांक्षा आनंद, लवीना जैन और लवली घिल्डियाल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए संस्था की निदेशक पल्लवी प्रजापति के प्रयासों की प्रशंसा की।
कलायात्रा 3.0” की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आरंभ मनमोहक कृष्ण वंदना से हुआ, जिसमें प्रिशा गुप्ता, कृषा, समीशा, साक्षी भट्ट, पार्थवी गुप्ता और अरिन्या ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके पश्चात माखन चोरी में आरिका, मिहिका, अम्बिका, अनायशा सिंह, अनायशा रस्तोगी, आश्विका यादव, सिया राय, निष्ठि एवं दामिनी ने अपनी आकर्षक अदाओं से दर्शकों का मन मोह लिया।
नवदुर्गा की प्रस्तुति में नैना, मानिका, इशिता, स्वधा, अलीशा, अनुकृति, गार्गी, अनन्या और ज्ञानवी ने शक्ति स्वरूपा देवी के नौ रूपों को प्रभावी ढंग से मंचित किया वहीं आद्रिका, आद्या एवं आख्या द्वारा प्रस्तुत शिव वंदना, ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। तराना में आहाना एवं ईशानवी की लयबद्ध प्रस्तुति ने खूब सराहना बटोरी, जबकि अनंता सिंह द्वारा प्रस्तुत एकल नृत्य कान्हा रे ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। दामिनी एवं श्री की जोड़ी ने इठलाती” में शानदार तालमेल प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रिशा गुप्ता, कृषा, समीशा, साक्षी भट्ट, पार्थवी गुप्ता एवं अरिन्या ने “यूंगा यूंगा पर ऊर्जावान प्रस्तुति दी।
वहीं आरिका, मिहिका, अम्बिका, अनायशा सिंह, अनायशा रस्तोगी, आश्विका यादव, सिया राय एवं निष्ठि द्वारा प्रस्तुत गरज गरज ने अपनी ऊर्जा और अभिव्यक्ति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इशिता, नैना, मानिका एवं ज्ञानवी ने “निर्मोहिया में भावपूर्ण अभिनय और नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि गार्गी, स्वधा, अनन्या, अनुकृति एवं अलीशा ने पायलिया” में सुंदर नृत्य संयोजन के माध्यम से दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण ग्रैंड फिनाले रहा, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रस्तुति देकर पूरे सभागार को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
इस अवसर पर संगतकर्ताओं, मेकअप आर्टिस्ट, कैमरा पर्सन, लाइट एवं साउंड टीम तथा गुरुबहनों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अंत में संस्था की डायरेक्टर एवं फाउंडर पल्लवी प्रजापति ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, दर्शकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कलायात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और आत्म-अभिव्यक्ति की निरंतर यात्रा है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों एवं महिलाओं को नृत्य के माध्यम से आत्मविश्वास, अनुशासन एवं रचनात्मकता से जोड़ना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

