बसपा सरकार के पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार की सपा में घर वापसी
झांसी, 29 अगस्त (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ नेता रतनलाल अहिरवार ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। उनके सपा में शामिल होने को बुंदेलखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। लंबे राजनीतिक अनुभव वाले रतनलाल अहिरवार की वापसी से सपा को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रतनलाल अहिरवार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से की थी। वह बबीना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2002 में भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का रुख किया और सपा के टिकट पर बबीना विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे। चुनाव में जीत दर्ज कर वह विधानसभा पहुंचे।
सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए राज्यसभा चुनाव में रतनलाल अहिरवार पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा था। इस घटनाक्रम के बाद उनकी सियासी राह सपा से अलग हो गई। वर्ष 2005 में इस मामले को लेकर नवाबाद और रक्सा थाने में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे।
इसके बाद रतनलाल अहिरवार ने बहुजन समाज पार्टी का रुख किया। वर्ष 2007 में उन्होंने बसपा के टिकट पर बबीना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर एक बार फिर विधानसभा पहुंचे। तत्कालीन बसपा सरकार में पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। मंत्री के रूप में उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
अब लंबे अंतराल के बाद रतनलाल अहिरवार की सपा में वापसी ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
सपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थकों में भी उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ का लाभ पार्टी को आगामी चुनावी तैयारियों में मिल सकता है।
इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि भाजपा विचारों की पार्टी है। क्षणिक रूप से पार्टी में आने जाने वालों का पार्टी पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है।
सपा प्रदेश सचिव व पीडीए के नेता बोले
इस संबंध में सपा के प्रदेश सचिव महेश कश्यप ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से भाजपा पीडीए के अधिकारों का हनन कर रही है। अपने हितों को पहचानते हुए अब पांच बार के विधायक व मंत्री रतन लाल अहिरवार ने घर वापसी की है। पार्टी उनका स्वागत करती है।
रतन के पुत्र हो सकते हैं मऊरानीपुर के उम्मीदवार
चर्चाएं आम है कि पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार के पुत्र अब समाजवादी पार्टी से आरक्षित विधानसभा मऊरानीपुर के उम्मीदवार हो सकते हैं। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि इससे पूर्व पिछले विधानसभा चुनाव में रतनलाल अहिरवार ने मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तैयारी पूरी की थी लेकिन भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया था।
डॉ. रेखा व जिपं सदस्य जितेंद्र पटेल भी शामिल
पूर्व मंत्री रतन लाल अहिरवार के साथ ही बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की डॉ. रेखा लगरखा व भसनेह जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र पटेल के शामिल होने की भी घोषणा की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

