अवैध खनन-परिवहन के खिलाफ 284 छापे, करीब एक करोड़ रुपये का राजस्व वसूला
खनन माफियाओं पर डीएम का शिकंजा, 04 करोड़ से अधिक की धनराशि होगी जमा
झांसी, 15 सितंबर (हि.स.)। जनपद में अवैध खनन, नियम विरुद्ध खनन, अवैध परिवहन और निर्धारित सीमा से अधिक खनिज भंडारण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच समिति ने विभिन्न खनन कारोबारियों और भंडारणकर्ताओं के यहां छापामार कार्रवाई की। जांच में अनियमितताएं मिलने पर संबंधितों पर चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अधिरोपित कर जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं प्रभारी अधिकारी खनिज अरुण कुमार गौर के नेतृत्व में पुलिस, खनिज, वन, राजस्व एवं प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम गठित कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने खनन क्षेत्रों और भंडारण स्थलों की जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच में तहसील गरौठा के ग्राम देवरी में राघवेन्द्र सिंह पुत्र मेघराज सिंह के पक्ष में पांच वर्ष के लिए स्वीकृत बालू/मौरम खनन पट्टा अवैध खनन की 1 करोड़ 97 लाख 80 हजार रुपये की अधिरोपित धनराशि जमा न करने के कारण निरस्त कर दिया गया।
वहीं तहसील मोंठ के ग्राम सुल्तानपुरा में मेसर्स अभिलाष गौर के भंडारण में अनुमन्य मात्रा से अधिक बालू/मौरम पाए जाने पर 74 लाख 60 हजार 840 रुपये, ग्राम सिया में मेसर्स पी.एस. माइन्स एल.एल.पी. के भंडारण में अधिक उपखनिज पाए जाने पर 3 करोड़ 69 लाख 45 हजार 800 रुपये तथा तहसील गरौठा के ग्राम डुडी में मेसर्स साक्षी इंटरप्राइजेज के भंडारण में अनियमितता मिलने पर 28 लाख 51 हजार 820 रुपये की धनराशि अधिरोपित कर जमा करने के आदेश दिए गए हैं। अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक कुल 284 छापे मारे गए। कार्रवाई के दौरान शास्ति के रूप में 96 लाख 87 हजार 570 रुपये का खनन राजस्व वसूला गया।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरुण कुमार गौर की अध्यक्षता में वन, राजस्व और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने तहसील मोंठ के ग्राम सिया, बरखरी, मोंठ तथा तहसील टहरौली के ग्राम पिपरा में बालू/मौरम के स्वीकृत भंडारण की जांच और माप की। जांच में स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र के बाहर अवैध खनन भी पाया गया। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 तथा उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। छापामार कार्रवाई में अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौर, जिला खान अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, एसडीओ फॉरेस्ट संतोष कुमार सहित तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी पुलिस और खनिज प्रवर्तन दल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने खनन माफिया और उनके संरक्षणदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आवंटित क्षेत्र के बाहर खनन, नदी की मुख्यधारा में खनन, नियम विरुद्ध खनन, भंडारण में अनियमितता और खनिजों का कृत्रिम अभाव पैदा कर कालाबाजारी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बालू, मौरम और गिट्टी आम आदमी से सीधे जुड़े खनिज हैं। इनकी कालाबाजारी कर कीमत बढ़ाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

