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सरकारी सड़क पर वन विभाग की बाउंड्री बनाने का आरोप, पार्षद ने रुकवाया निर्माण

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सरकारी सड़क पर वन विभाग की बाउंड्री बनाने का आरोप, पार्षद ने रुकवाया निर्माण


झांसी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में अपनी जमीन पर मामूली अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाला वन विभाग खुद सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिर गया है। सिविल लाइन स्थित प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के आवास की बाउंड्रीवाल मूल सीमा से करीब छह मीटर आगे सरकारी सड़क की ओर बनाए जाने का मामला सामने आया है।

शुक्रवार को बाउंड्री पर गेट लगाने का काम शुरू हुआ तो क्षेत्रीय पार्षद विकास खत्री ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया।

मामला इलाइट चौराहे से इलाहाबाद बैंक चौराहे की ओर जाने वाली सड़क का है। आरोप है कि डीएफओ आवास की मूल बाउंड्री से करीब छह मीटर आगे जाकर नई बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई। शुक्रवार को इस पर गेट लगाया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही पार्षद विकास खत्री मौके पर पहुंचे और गेट लगाने का विरोध किया। उन्होंने पहले वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को सूचना दी।

पार्षद का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी शुरुआत में सरकारी अधिकारी का मामला होने की बात कहकर टालमटोल करते रहे। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक नगर निगम की टीम मौके पर आकर जांच नहीं करेगी, वह वहां से नहीं हटेंगे। इसके बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम और लेखपाल मौके पर पहुंचे।

मौके पर सड़क के बीच से फीते के जरिए नाप कराई गई। पार्षद के अनुसार, नाप में डीएफओ आवास की बाउंड्री करीब छह मीटर आगे सरकारी सड़क की ओर बनी मिली। इसके बाद पुलिस ने तत्काल निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसी दौरान पार्षद महेश गौतम भी मौके पर पहुंच गए।

मौके पर मौजूद वन विभाग के एक रेंजर ने बाउंड्री और गेट के निर्माण को सही ठहराने का प्रयास किया, लेकिन नाप के बाद स्थिति स्पष्ट होने पर उनका विरोध कमजोर पड़ गया। पुलिस द्वारा नाम-पता पूछे जाने पर रेंजर के पुलिस से उलझने की बात भी सामने आई।

पार्षद विकास खत्री ने चेतावनी दी कि तीन दिन में बाउंड्री नहीं हटाई गई तो वह आगे कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि सड़क की ओर करीब छह मीटर तक बाउंड्री बढ़ने से जेल चौराहे की तरफ आने वाले मार्ग का मोड़ खतरनाक हो गया है और हादसों का खतरा बढ़ गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया