ईको पर्यटन से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा: वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना
बुंदेलखंड में हरितिमा संवर्धन एवं भूजल वृद्धि की संभावनाओं का आकलन’ कार्यशालाके की सहभागिता
झांसी, 13 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि बुंदेलखंड में ईको पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसरों के साथ वन एवं पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने‘हर खेत पर मेड़, हर मेड़ पर पेड़’की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पौधों के संरक्षण पर जोर दिया।
वन मुख्यालय झांसी के‘वेत्रवती’जोनल सभागार में‘बुंदेलखंड में हरितिमा संवर्धन एवं भूजल वृद्धि की संभावनाओं का आकलन’ विषय पर गुरुवार को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि, सिंचाई, मृदा एवं जल संरक्षण, भूगर्भ जल विभाग, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। पांच समूहों में विशेषज्ञों ने हरित आवरण बढ़ाने और जल संरक्षण को लेकर तकनीकी सुझाव दिए।
राज्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में वर्षाजल संरक्षण और हरियाली बढ़ाना समय की जरूरत है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील की।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने वर्षाजल की एक-एक बूंद संरक्षित करने पर जोर दिया। मुख्य वन संरक्षक एच.वी. गिरीश ने बताया कि कार्यशाला को मंडल, जिला और विकासखंड स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। लैंडस्केप स्तर पर वाटरशेड परियोजनाएं तैयार कर भूजल संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की योजना है।
इस दौरान वनगुवां ईको पर्यटन केंद्र, झांसी और रणछोरधाम-मुचकुंद गुफा ईको पर्यटन केंद्र, ललितपुर का भी लोकार्पण किया गया। बड़ागांव विकासखंड के वनगुवा गांव में बेतवा नदी के किनारे विकसित वनगुवां केंद्र में चिल्ड्रेन पार्क, बैम्बू हट, नेचर ट्रेल, रूफटॉप कैफेटेरिया, सोलर लाइट, बैठने की व्यवस्था और नौकायन घाट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
ललितपुर के रणछोरधाम-मुचकुंद गुफा ईको पर्यटन केंद्र में नेचर ट्रेल, बैम्बू हट, ट्री हट, मचान और पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों का संचालन ईको विकास समितियों के माध्यम से करने की रणनीति तैयार की जा रही है। स्थानीय युवाओं को गाइड, खान-पान, ठहरने और नेचर ट्रेल में साइकिलिंग जैसी गतिविधियों से रोजगार देने की योजना है।
वनगुवां में राज्यमंत्री ने‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। स्कूली बच्चों को फलदार पौधे और गौरैया संरक्षण के लिए घोंसले वितरित किए गए, जबकि वनीकरण कार्य में लगे श्रमिकों को सुरक्षा किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा समेत वन विभाग के अधिकारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

