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झांसी : बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कार्यपरिषद का बड़ा फैसला, डॉ. मो. नईम सेवा से बर्खास्त

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झांसी : बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कार्यपरिषद का बड़ा फैसला, डॉ. मो. नईम सेवा से बर्खास्त


झांसी, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने मंगलवार को आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डॉ. मो. नईम को विश्वविद्यालय सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया। परिषद ने उपलब्ध अभिलेखों, पूर्व में हुई विभागीय कार्रवाइयों तथा विभिन्न मामलों में उनके आचरण से संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एम.फिल. (समाजशास्त्र) शोध कार्य पूर्ण कराने के नाम पर अवैध धन की मांग किए जाने के मामले में पूर्व में भी डॉ. मो. नईम पर कार्रवाई की जा चुकी थी। मौखिकी परीक्षा के बाह्य विशेषज्ञ द्वारा शोधग्रंथ के परीक्षण के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कार्यपरिषद की 19 मार्च 2015 की बैठक में यह माना गया था कि उनका आचरण शिक्षक आचरण संहिता के अनुरूप नहीं है। इसके चलते उन्हें पांच वर्षों के लिए गोपनीय एवं परीक्षा संबंधी कार्यों से डिबार कर दिया गया था।

इसके अलावा वर्ष 2010 में उनकी पत्नी द्वारा की गई शिकायत पर राजभवन के पत्र के माध्यम से प्राप्त निर्देशों के आधार पर विश्वविद्यालय ने नियमानुसार कार्रवाई की थी। वहीं शोधार्थी मीरा यादव और पवन कुमार की शिकायतों के आधार पर भी उन्हें पुनः परीक्षा एवं गोपनीय कार्यों से वंचित किया गया था।

विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रो. मुन्ना तिवारी के खिलाफ कथित निराधार एवं अनर्गल आरोप लगाए जाने के मामले में जांच के बाद कार्यपरिषद द्वारा डॉ. मो. नईम को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया था। परिषद ने सभी अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करते हुए माना कि उनका आचरण विश्वविद्यालय की गरिमा, शिक्षक आचरण संहिता और संस्थागत मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा।

कार्यपरिषद ने शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए डॉ. मो. नईम को विश्वविद्यालय सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।

फिलहाल इस मामले की पुष्टि के लिए कुलसचिव ज्ञानेन्द्र शर्मा को कई बार दूरभाष पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उनका फोन न उठने के चलते उनसे वार्ता नहीं हो सकी।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया