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बुवि : विद्यार्थियों ने 30 घंटे के अथक प्रयास से रंगोली में उकेरी विकसित भारत की तस्वीर

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बुवि : विद्यार्थियों ने 30 घंटे के अथक प्रयास से रंगोली में उकेरी विकसित भारत की तस्वीर


बुवि : विद्यार्थियों ने 30 घंटे के अथक प्रयास से रंगोली में उकेरी विकसित भारत की तस्वीर


झांसी, 01 अक्टूबर (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेवा का रंग, राष्ट्र के संग सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत आयोजित तीन दिवसीय वृहद रंगोली प्रदर्शनी का गांधी सभागार में समापन हुआ। प्रदर्शनी में ललित कला संस्थान के 80 से अधिक विद्यार्थियों ने करीब 30 घंटे के अथक श्रम से 100×80 फीट की विशाल रंगोली तैयार की। रंगोली में महापुरुषों के चित्रों के साथ भारत की प्रगति, विभिन्न विकास योजनाओं और विकसित भारत की परिकल्पना को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

रंगों, आकृतियों और रेखाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रभावशाली तरीके से उकेरा। विशाल रंगोली विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अनुशासन, टीम भावना और निरंतर मेहनत का उदाहरण बनी। विद्यार्थियों ने अलग-अलग समूहों में काम करते हुए रंगोली की रूपरेखा तैयार करने से लेकर रंग संयोजन और अंतिम रूप देने तक की जिम्मेदारी संभाली।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं और विकसित भारत की संकल्पना को केंद्र में रखकर तैयार की गई रंगोली विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा, एकता और परिश्रम को दर्शाती है।

परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि डॉ. श्वेता पाण्डेय, डॉ. अजय कुमार गुप्ता एवं गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने करीब 30 घंटे में यह वृहद रंगोली तैयार की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति विकास योजनाओं और विकसित भारत के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

उप कुलसचिव सुनील सेन और उप कुलसचिव शेख अंजुम ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, समर्पण और सामूहिक कार्य भावना की सराहना की। नोडल संपर्क अभियान प्रो. मुन्ना तिवारी ने कहा कि रंगोली अंतर्मन की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। विद्यार्थियों ने रंगों और आकृतियों के जरिए सेवा और संकल्प की भावना को प्रभावी रूप से व्यक्त किया।

संयोजक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रतिभा प्रदर्शन के साथ नई ऊर्जा और रचनात्मक दिशा प्रदान करते हैं। रंगोली में प्रस्तुत प्रत्येक चित्र में सार्थक संदेश निहित है।

रंगोली निर्माण में काजल ओझा, शिवदयाल, नरेश राजपूत, नैनी माहिर और रूबी ने टीम लीडर की भूमिका निभाई। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. रानी शर्मा, डॉ. अंकिता शर्मा, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार सहित शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया