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33 चित्रकारों की कलाकृतियों सहित रामायण प्रसंगों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ

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33 चित्रकारों की कलाकृतियों सहित रामायण प्रसंगों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ


झांसी, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मणिकर्णिका आर्ट गैलरी द्वारा राजकीय संग्रहालय में आयोजित रामायण के प्रसंगों पर आधारित राष्ट्रीय सामूहिक चित्रकला प्रदर्शनी का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

प्रदर्शनी में देशभर के 33 चित्रकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।

मुख्य अतिथि संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री नरेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के प्रसंगों को आकर्षक एवं भावपूर्ण ढंग से चित्रित किया है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं।

राजकीय संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. मनोज कुमार गौतम ने कहा कि मणिकर्णिका आर्ट गैलरी लंबे समय से चित्रकारों को मंच देने का कार्य कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को एक मंच पर लाना सराहनीय प्रयास है। वरिष्ठ चित्रकार किशन सोनी ने कहा कि चित्रों में कलाकारों की कल्पनाशीलता, रंग संयोजन और विषय के प्रति संवेदनशीलता दिखाई देती है।

वरिष्ठ रंगकर्मी संजय राष्ट्रवादी ने कहा कि रामायण के प्रसंग आज भी जीवन की आपाधापी और विकारों के निवारण के लिए प्रासंगिक हैं। प्रदर्शनी संयोजक एवं गैलरी निदेशक चित्रकार कामिनी बघेल ने बताया कि रामायण की विषयवस्तु के माध्यम से श्रीराम की मर्यादा, करुणा, त्याग और आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

प्रदर्शनी में झांसी, कानपुर, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और केरल सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों की कृतियां शामिल हैं। कार्यक्रम में समाजसेवी एवं कला प्रेमी मौजूद रहे।

संचालन वंदना अग्रवाल और माधुरी शर्मा ने किया।

प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 10 से शाम पांच बजे तक राजकीय संग्रहालय में दर्शकों के लिए खुली रहेगी। कामिनी बघेल ने नगरवासियों और कला प्रेमियों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया