रक्षा संपदा अधिकारी के आदेश से मड़िया मोहल्ले के 40 परिवारों पर बेघर होने का संकट
120 सर्वे नम्बर के नोटिस को थोपा जा रहा 117,118,119 सर्वे नंबर में बने मकानों पर
झांसी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। आजादी से पहले से झांसी-कानपुर रोड के पास गणेश मड़िया मोहल्ले में बसी बस्ती के दो दर्जन से अधिक परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। रक्षा संपदा अधिकारी, भोपाल के आदेश पर रक्षा भूमि पर बने कथित अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई की आशंका से बस्ती के लोगों में भय और चिंता का माहौल है। लोगों का आरोप है कि 120 सर्वे नम्बर के नोटिस को 117,118,119 सर्वे नंबर में बने मकानों पर थोपा जा रहा है।
बताया गया कि झांसी छावनी क्षेत्र स्थित जीएलआर सर्वे नंबर 120 की रक्षा भूमि रक्षा संपदा अधिकारी, भोपाल सर्किल के प्रबंधन के अधीन है। रक्षा संपदा अधिकारी ने सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 की धारा 5-बी की उपधारा (1) के तहत आदेश जारी किया है। इसमें रक्षा भूमि पर किए गए कथित अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुपालन में कैंट बोर्ड के अधिकारी सेना के जवानों के साथ बस्ती में पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही लोगों में हड़कंप मच गया। बस्ती के लोगों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। उनके पास किराए की रसीद, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बिजली के कनेक्शन भी हैं। इसके बावजूद उन्हें दो दिन के भीतर मकान खाली करने के नोटिस दिए गए हैं।
मड़िया स्थित करीब 700 वर्ष पुराने शिव मंदिर के पुजारी के पुत्र प्रदीप कुमार ने बताया कि मंदिर की देखरेख उनके दादा और पिता करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्ती के करीब 40 परिवारों को नोटिस दिए गए हैं। लोगों के मकान सर्वे नंबर 117, 118 और 119 में हैं, जबकि नोटिस में सर्वे नंबर 120 का उल्लेख है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बस्ती पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट, छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी, जिलाधिकारी और रक्षा संपदा अधिकारी से वार्ता कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

