32 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी शिविर में ड्रोन प्रशिक्षण बना मुख्य आकर्षण, आधुनिक तकनीक से रूबरू हुईं कैडेट्स
झांसी, 26 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में 32 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय बालिका एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार को ड्रोन प्रशिक्षण का विशेष सत्र आयोजित किया गया। आधुनिक तकनीक पर आधारित यह प्रशिक्षण शिविर का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायक कार्यक्रम रहा, जिसमें कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को ड्रोन की कार्यप्रणाली, सुरक्षित संचालन और उड़ान संबंधी आवश्यक तकनीकी जानकारियां दी गईं। साथ ही उन्हें बताया गया कि ड्रोन का उपयोग केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, कृषि, सर्वेक्षण, निगरानी तथा राहत एवं बचाव कार्यों में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ड्रोन संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के बाद कई कैडेट्स ने भविष्य में ड्रोन पायलट बनकर देश की सेवा करने का संकल्प व्यक्त किया।
शिविर में प्रतिदिन हथियार प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है। फायरिंग अभ्यास के दौरान कैडेट्स को सुरक्षा नियमों का पालन, अनुशासन, जिम्मेदारी तथा हथियारों के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि सैन्य जीवन में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
इसके अतिरिक्त कैडेट्स को मैप रीडिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें नक्शा पढ़ने, दिशा पहचानने, ग्रिड सिस्टम तथा कंपास के उपयोग की जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण फील्ड गतिविधियों, ट्रैकिंग और सैन्य अभियानों में अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
शारीरिक फिटनेस को ध्यान में रखते हुए कैडेट्स को प्रतिदिन व्यायाम, योग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेल गतिविधियों का भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और नेतृत्व क्षमता का समग्र विकास हो सके।
शिविर का सफल संचालन कमांडेंट कर्नल अभय सिंह देव के निर्देशन में किया जा रहा है। उनके साथ सूबेदार मेजर प्रेम सिंह, लेफ्टिनेंट वंदना यागिक, लेफ्टिनेंट शारदा सिंह, द्वितीय अधिकारी निशि, द्वितीय अधिकारी दीप्ति, जीसीआई ललिता, जीसीआई मोहिनी, सूबेदार सुरेश, सूबेदार मंगत, नायब सूबेदार महेंद्र, बीएचएम पलविंदर, सीएचएम अनिल, हवलदार जावेद तथा अन्य सैन्य प्रशिक्षक एवं सीटीओ कैडेट्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता और राष्ट्रसेवा की भावना का विकास करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

