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हिंदुत्व केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति : मनोज टाटा

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हिंदुत्व केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति : मनोज टाटा


बबीना नगर की शबरी माला बस्ती में हिंदू सम्मेलन एवं सहभोज का भव्य आयोजन

झांसी, 19 जनवरी (हि.स.)। बबीना नगर अंतर्गत शबरी माला बस्ती में हिंदू सम्मेलन एवं सहभोज का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत भारत माता एवं भगवान श्रीराम के पूजन-अर्चन से हुई, जिसमें श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।

सम्मेलन में बस्ती एवं आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी रामप्रसाद शिवहरे ने की। कार्यक्रम मंत्री पृथ्वीराज रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महेंद्र पाठक उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम के कोषाध्यक्ष धर्मराज रहे।

सम्मेलन की प्रस्तावना रखते हुए मुख्य वक्ता एवं विभाग प्रचार प्रमुख मनोज टाटा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता एवं राष्ट्रप्रेम को मजबूती मिलती है। उन्होंने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

अपने विस्तृत संबोधन में मुख्य वक्ता मनोज टाटा ने हिंदुत्व की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदुत्व केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। उन्होंने सनातन संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम एवं वैज्ञानिक संस्कृति बताते हुए उसके मूल तत्वों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने हिंदू समाज की रक्षा एवं स्वाभिमान के लिए गुरु गोविंद सिंह जी के महान बलिदान का स्मरण करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता ने स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने, कुटुंब प्रबोधन को सशक्त करने, पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रस्तावित पंच परिवर्तन के विषयों पर विस्तार से विचार रखे। साथ ही सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, नैतिक शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर भी सारगर्भित चर्चा की। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।

इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख मनोज टाटा, नगर कार्यवाह राजेंद्र सहित समस्त नगर कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी, बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं विभिन्न स्थानों से आए साधु-संत उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन भारत माता की सामूहिक आरती एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। समापन अवसर पर सामूहिक सहभोज का आयोजन भी किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का संचालन उमानंद सिंह जी (बांदा) द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया