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जमीन विवाद से परेशान किसान ने खुद को आग लगाई

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जमीन विवाद से परेशान किसान ने खुद को आग लगाई


जौनपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव में जमीन विवाद से परेशान एक किसान ने शनिवार सुबह खुद को आग लगा ली। गंभीर रुप से झुलसे किसान काे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव के 35 वर्षीय किसान दिनेश कुमार मौर्य ने आज सुबह खुद काे आग लगा ली और गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसी हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आत्मदाह से पहले किसान ने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

किसान दिनेश के मुताबिक, शुक्रवार को वह अपनी बहन को बीएचयू में भर्ती कराने गए थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान ने उनकी जमीन पर सड़क निर्माण शुरू करा दिया। उनकी पत्नी और बेटे लकी ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और मोबाइल छीन लिया। शनिवार भोर में घर लौटने पर दिनेश को सड़क निर्माण की जानकारी हुई। इससे परेशान होकर उन्होंने वीडियो बनाया, जिसमें अपनी पीड़ा और जमीन विवाद से जुड़ी बातें बताईं। इसके बाद उन्होंने खुद को आग लगा ली। घटना में उनके हाथ, पैर और गर्दन गंभीर रूप से झुलस गए। मामले में लाइन बाजार थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

मामले में जिलाधिकारी सैमुअल पाल ने बताया कि लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव निवासी दिनेश मौर्य ने आज सुबह अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया था, जिनका जिला अस्पताल में प्रारंभिक इलाज शुरू कर दिया गया है। सीएमएस को निर्देशित किया गया है कि उनका बेहतर इलाज किया जाए। डॉक्टरों ने प्रथम दृष्ट्या उनके लगभग 40 फीसदी बर्न इंजरी बताई है।डीएम ने बताया कि इस मामले में हम लोगों ने रेवेन्यू टीम को भी एक्टिवेट किया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल को मौके पर भेजकर प्रकरण के सही तथ्यों की जानाकरी कराई जा रही है। शुरूआत जानकारी में पता चला है कि 14 अक्टूबर को उस गांव में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में पंचायत की ​गई थी। जिसमें एक रास्ता गांव के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं और 300 मीटर की सड़क बनने की बात तय हुई थी। आपसी सहमति के आधार पर जो आदमी आत्मदाह करने वाला है उन्हीं की स्वेच्छा से उस रास्ते को प्रधान ने बनाने के लिए आगे बढ़ाया। लेकिन 15 अक्टूबर को बीच में कुछ कहासुनी हो गई और आपसी तालमेल बिगड़ गया। प्रधान द्वारा आज जब सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा था, जहां राजस्व अभिलेखों और नक्शा के अनुसार वहां पर कोई रास्ता नहीं है तथा काश्तकार की जमीन है। इसलिए उन्होंने इसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान द्वारा बात नहीं मानी गई और उस पर रास्ता बनने लगे, इसी के कारण प्रथम दृष्ट्या आत्मदाह करने का मामला प्रतीत हो रहा है। उनके परिवार से बातचीत की जा रही है और उनकी समस्या पूरी तरीके से हल की जाएगी। प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव