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गरीब, कमजोर,पिछड़े, दलित की आवाज थे जनेश्वर मिश्रा : धर्मराज पटेल

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गरीब, कमजोर,पिछड़े, दलित की आवाज थे जनेश्वर मिश्रा : धर्मराज पटेल


प्रयागराज, 21 जनवरी (हि.स.)। जनेश्वर मिश्र कर्मयोगी थे, जिन्होंने डॉ. लोहिया की कर्मभूमि फूलपुर की सीट जीतकर पहली बार समाजवाद का झण्डा लहराया। वह गरीब, कमजोर, पिछड़े, दलित की आवाज थे । यह बात बुधवार को माघ मेला स्थित समाजवादी चिंतन शिविर में जनेश्वर मिश्रा की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए फूलपुर के पूर्व सांसद धर्मराज पटेल ने कही।

उन्होंने कहा कि पं.जानेश्वर मिश्रा समाजवादी चिंतक थे। वह समाज के सभी वर्गों की चिंता करते थे। गरीबों, पिछड़ों और दलितों की स्थिति के संबंध में आजीवन चिंतन किया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए शिविर के संस्थापक अवधेश आनंद ने कहा कि जनेश्वर मिश्र झोपड़ी में पैदा हुए लेकिन अपने विचार, कर्म, आचरण और संघर्ष से देश की सबसे बड़ी पंचायत में कमजोरों की आवाज और नौजवानों के प्रेरणा स्रोत बने। वह केंद्रीय सरकार में रेलमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री, संचार मंत्री, जल संसाधन मंत्री, जहाजरानी मंत्रालय में मंत्री बने और देश की सेवा करते हुए हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहे। संचालन करते हुए अनन्त बहादुर सिंह ने कहा आज ही के दिन इस शिविर में जनेश्वर जी आये और हम लोगों को मार्गदर्शन दिए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि जनेश्वर मिश्र अपने विचार,कर्म, आचरण से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे।

इससे पूर्व छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्रा की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर माघ मेला क्षेत्र स्थित उदभव संस्थान द्वारा आयोजित समाजवादी चिंतन शिविर में समाजवादी चिंतक छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र जी के 17वी पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर जनेश्वर मिश्र व्यक्तित्व एव कृत्रित्व पर एक गोष्टि आयोजित की गयी जिसकी अध्यक्षता शिविर के संयोजक अवधेश आनंद और संचालन सहसंयोजक अनन्त बहादुर सिंह ने किया। गोष्ठी में रामलखन यादव, रविंद सिंह यादव, अचिन्त्य मिश्र, सुनील शुक्ला, दलसिंगार यादव, विजय बहादुर, ट्रेंड यूनियन नेता सुशील कुमार श्रीवास्तव, योगेंद्र पांडेय, राजू यादव ने जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। अभिनव प्रकाश,वीरेंद्र सिंह यादव,कुन्ज विहारी अग्निहोत्री,अनिल तिवारी आदि ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया और समाजवादी दाल बाटी चोखा का प्रसाद ग्रहण कराया।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल