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तीन दशकाें से सेवा दे रहे जल संस्थान कर्मियों का फूटा गुस्सा

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तीन दशकाें से सेवा दे रहे जल संस्थान कर्मियों का फूटा गुस्सा


बोले- हटाए गए तो ठप हो जाएगी 52 इकाइयों की पानी सप्लाई

हमीरपुर, 23 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जल संस्थान के अंतर्गत ठेकेदारी प्रथा पर वर्षों से कार्य कर रहे पम्प चालक, फिटर और लेबर कर्मचारियों ने रोजगार समाप्त किए जाने पर नाराजगी जताई है। कर्मचारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रोजगार बचाने की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 25 से 30 वर्षों से जल संस्थान में निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं और अब तक ठेकेदार के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान प्राप्त होता रहा है। आरोप है कि 1 मई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को हटाने की बात कही गई है। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि जब उन्होंने ठेकेदार और जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों से जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि अब नए कर्मचारी रखे जाएंगे। इससे पुराने कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी आधी उम्र इसी विभाग में सेवा देते हुए बीत गई है। ऐसे में अचानक रोजगार छिन जाने से उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। ज्ञापन में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे सभी इकाइयों की जलापूर्ति बंद कर धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि जिले की 52 इकाइयों से कई गांवों में पानी की सप्लाई होती है, जो बाधित हो सकती है। ज्ञापन देते समय इदरीश, जय प्रकाश, विवेक कुमार यादव, रामबाबू, द्रगपाल, धर्मेंद्र कुमार, राजा भैया, बालक, राकेश, लल्लू, मंगल सिंह, पुष्पेंद्र, मूलचंद्र, धर्मेंद्र कुमार, कुंवर बहादुर सहित करीब दो दर्जन से अधिक कर्मचारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा