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जल जीवन मिशन से बदली ग्रामीण जीवनशैली,आईआईटी विशेषज्ञों ने किया स्थलीय निरीक्षण

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बांदा, 24 मार्च (हि.स.)। जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत लाभान्वित ग्रामों का मंगलवार को विशेषज्ञों की टीम ने उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बुंदेलखंड के बांदा जिले में जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सामाजिक, आर्थिक और सार्वजनिक बदलावों का अध्ययन किया गया।

उत्तर प्रदेश शासन के अनुरोध पर आईआईटी मद्रास की प्रोफेसर लिजी फिलिप, प्रोफेसर पवन लभासेतवार, डॉ. ग़ज़ल श्रीवास्तव, प्रोफेसर श्रीनिवासन, प्रोफेसर बी. एस. मूर्ति तथा एकता चंदेल (4BIO) की टीम ने जनपद के जसपुरा विकासखंड के ग्राम पंचायत अदरी का निरीक्षण किया। यहां टीम ने सोलर ऊर्जा से संचालित नलकूप एवं पानी की टंकी का जायजा लिया।

विशेषज्ञों ने गांव की गलियों में भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया और जल जीवन मिशन के तहत मिलने वाली नियमित पेयजल आपूर्ति के प्रभाव का अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने जाना कि योजना से ग्रामीणों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा सामाजिक और आर्थिक स्थिति में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव आया है।

इसके बाद टीम ने अमलीकौर ग्राम समूह पेयजल योजना का भी निरीक्षण किया। यह योजना यमुना नदी के सतही जल को शुद्ध कर विकासखंड तिंदवारी, बड़ोखर और बबेरू के गांवों में हर घर पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करा रही है। टीम ने विकासखंड तिंदवारी के ग्राम माटा स्थित पानी की टंकी का निरीक्षण किया और गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों से पानी की रोस्टर के अनुसार आपूर्ति, जल भंडारण, पानी में क्लोरीन की उपलब्धता तथा घरेलू उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए गए कार्यों और वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी संबंधित विकासखंड के जूनियर इंजीनियर रमेश गुप्ता, सहायक अभियंता शशांक शेखर तथा कार्यदायी संस्था एनसीसी के उपस्थित इंजीनियरों ने टीम को दी गई।

अध्ययन के दौरान विशेषज्ञ टीम ने ग्रामों में कार्यों की प्रगति तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही पेयजल की मात्रा पर संतोष और खुशी व्यक्त की। टीम ने माना कि जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्र में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह