सीएसजेएमयू में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, पत्रकारिता के 200 सालों पर होगा महासंवाद : कुलपति
कानपुर, 19 मार्च (हि.स.)। आज हम सूचना के उस दौर में हैं जहां तकनीक हर पल बदल रही है और पत्रकारिता नए आयामों में प्रवेश कर रही है। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों के सफर को समझने के साथ ही एआई युग में उसकी दिशा और चुनौतियों पर गंभीर मंथन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में 11-12 अप्रैल 2026 को “उदंत मार्तंड से ए.आई. युग तक: दो शताब्दियों का महासंवाद” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के शिक्षाविद्, शोधार्थी, पत्रकार और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने संगोष्ठी के पोस्टर का विमोचन करते हुए कहा कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, विकास और भविष्य की दिशा पर व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों और तकनीकी बदलावों के बीच संतुलन पर भी चर्चा होगी।
संगोष्ठी संयोजक डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे और विभिन्न बौद्धिक सत्रों के माध्यम से पत्रकारिता के विविध आयामों पर चर्चा होगी।
इस अवसर पर विभाग के डॉ. ओम शंकर गुप्ता, डॉ. योगेंद्र पांडेय, डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम, डॉ. हरिओम कुमार, सागर कनौजिया और प्रेम किशोर शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

