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सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम ने कसी अफसरों की लगाम, 10 करोड़ से अधिक के कार्यों में तेजी के निर्देश

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सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम ने कसी अफसरों की लगाम, 10 करोड़ से अधिक के कार्यों में तेजी के निर्देश


गोरखपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से जिले में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा निर्धारित समयसीमा की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय से पूरे किए जाएं।

बैठक में जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, परियोजना निदेशक दीपक सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां संबंधित विभाग तत्काल कार्ययोजना तैयार कर प्रगति में तेजी लाएं।

उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं की नियमित स्थलीय जांच की जाए। निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों तथा स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप कार्य की जांच सुनिश्चित की जाए। किसी भी परियोजना में घटिया सामग्री अथवा मानकों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने गोरखपुर में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। शहर में विरासत गलियारा जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर तेजी से कार्य करने, संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और निर्माण के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए। विरासत गलियारा परियोजना के तहत शहर के प्रमुख ऐतिहासिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर स्वरूप देने के साथ यातायात और शहरी सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

बैठक में शहर और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे सड़क, नाला, जल निकासी, भवन निर्माण तथा अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर तेजी से विकसित हो रहा है और बढ़ती आबादी एवं यातायात के दबाव को देखते हुए निर्माण परियोजनाओं का समय से पूरा होना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं में आने वाली तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान कराया जाए।

शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया। बड़े नालों और जल निकासी से संबंधित परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराने तथा मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य इस प्रकार किए जाएं कि आने वाले वर्षों में नागरिकों को उसका स्थायी लाभ मिल सके।

सड़कों और यातायात से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभाग पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, संकेतक और आवश्यक बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और अन्य विभागों से संबंधित बड़ी परियोजनाओं की भी प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं में बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम की गति धीमी है, वहां कारणों की समीक्षा कर तत्काल सुधार किया जाए। साथ ही जिन परियोजनाओं में धनराशि की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव समय से शासन को भेजे जाएं, ताकि कार्य प्रभावित न हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज आंकड़ों और जमीनी स्थिति में अंतर नहीं होना चाहिए। परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति के आधार पर ही डैशबोर्ड पर सूचना अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि डैशबोर्ड केवल समीक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा के साथ संबंधित अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें। जहां निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वहां संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि परियोजना का उपयोग आम जनता के लिए शीघ्र शुरू कराया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों का लाभ गांवों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए। ग्रामीण सड़क, पेयजल, आवासीय एवं सामुदायिक भवनों तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी मजबूत की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनता से जुड़ी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएं केवल निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिले की प्रगति को बेहतर बनाने के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जाए। 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ काम करने की अपेक्षा की।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय