सेवा, सुरक्षा और संस्कार बजरंग दल का मूल ध्येय वाक्य: संत आलोक दास
बाराबंकी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लखपेड़ाबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में शनिवार को बजरंग दल अवध प्रांत की दो दिवसीय प्रांत बैठक का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन कबीर मठ मुंजापुर के पूज्य संत आलोक दास महाराज, बजरंग दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ क्षेत्र संयोजक पूर्णेन्दु, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री देवेंद्र तथा प्रांत संयोजक महेश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रामनाथ मौर्य, जिला मंत्री राहुल कुमार, बजरंग दल जिला संयोजक राहुल विक्रम सिंह और जिला सह-संयोजक सह तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संत आलोक दास महाराज ने कहा कि बजरंग दल की स्थापना संघर्ष की परिस्थितियों में हुई थी। हिंदू समाज के हितों के लिए निरंतर कार्य करना संगठन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा और संस्कार बजरंग दल का ध्येय वाक्य है। सनातन संस्कृति, राष्ट्र और धर्म के सामने चुनौतियां आने पर संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
बजरंग दल के पूर्वी उत्तर प्रदेश लखनऊ क्षेत्र संयोजक पूर्णेन्दु ने कहा कि सभी कार्यकर्ता भारत माता के सच्चे सपूत हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज, बहन-बेटियों, गोमाता और राष्ट्र के विरुद्ध किसी भी प्रकार के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देने के लिए कार्यकर्ताओं को सजग रहना चाहिए। उन्होंने संगठन की विचारधारा के अनुरूप राष्ट्र और समाज के हित में कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन की गतिविधियों, सामाजिक दायित्वों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री अखिल, ब्रह्म प्रकाश, राजेंद्र जायसवाल, बृजेश, राहुल वाल्मीकि, हिमांशु, चंद्रभूषण सहित सैकड़ों बजरंग दल कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

