जिसे सर्वस्व गंवाकर प्यार पाना अच्छा लगता है
देवरिया, 10 मई (हि.स.)। नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा रविवार को आयोजित कवि गोष्ठी में कवियों और गीतकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मातृदिवस की भावनाओं से ओतप्रोत कविताओं, गीतों और ग़ज़लों की सरस प्रस्तुति ने माहौल को भावुक और साहित्यिक रंगों से भर दिया।
सभा के पूर्व मंत्री इन्द्र कुमार दीक्षित ने मां की महत्ता पर आधारित कविता “जिसे सर्वस्व गंवाकर प्यार पाना अच्छा लगता है...” सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद छेदी प्रसाद गुप्त विवश ने भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर श्रृंगार रस का वातावरण बनाया। रीना तिवारी ने मां को समर्पित भावपूर्ण पंक्तियों से श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कवयित्री कीर्ति त्रिपाठी ने “मां तेरा होना ही हमारे लिए वरदान है” कविता सुनाई, जबकि संचालन कर रहीं प्रार्थना राय ने मां की स्मृतियों पर आधारित कविता प्रस्तुत की। प्रसिद्ध शायर फिगार देवरियावी ने अपनी प्रस्तुति से गोष्ठी को नई ऊंचाई दी। वहीं रामेश्वर तिवारी राजन ने गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं की सराहना पाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश द्विवेदी ने की। इस अवसर पर डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी, डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, इन्द्र कुमार दीक्षित और डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी को सम्मानित किया गया। हिन्दी साहित्य भारती की ओर से वयोवृद्ध गीतकार गिरिधर करुण को भी सम्मान प्रदान किया गया। गोष्ठी में कई साहित्यकारों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

