वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए वैश्विक सहयोग के साथ स्थानीय स्तर पर ठाेस कदम जरुरी
कानपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। आईआईटी कानपुर ने हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे में स्वच्छ हवा और बेहतर स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयाेजन किया। इस दाैरान विशेषज्ञाें ने अपने-अपने विचार रखें और तमाम संबंधति विषयों पर चर्चा भी हुई। पैनल चर्चाओं में ओपन डेटा (खुला डेटा), जन-जागरुकता और विभिन्न क्षेत्रों के समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अन्तत: कार्यशाला में विशेषज्ञों ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए वैश्विक सहयोग, डेटा की पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरुरत पर बल दिया। इसके अलावा स्मार्ट सेंसिंग और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के एटीएमएएन-सीओई द्वारा होटल शेराटन ग्रैंड, पुणे में स्मार्ट सेंसिंग एंड डिजिटल इंटेलिजेंस फॉर क्लीन एयर एंड गुड हेल्थ विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वायु प्रदूषण और उसके सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसे गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए उपग्रह डेटा, हाइब्रिड मॉनिटरिंग नेटवर्क और कम लागत वाले सेंसरों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमान और निर्णय सहायता प्रणालियों को भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण मोबाइल रियल-टाइम सोर्स अपॉर्शनमेंट (आरटीएसए) प्रयोगशाला का वर्चुअल रियलिटी अनुभव रहा, जिसमें स्वदेशी मशीन लर्निंग आधारित कणीय पदार्थ सेंसरों का प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान कई महत्वपूर्ण ज्ञान उत्पाद जारी किए गए, जिनमें वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क पर मार्गदर्शिका, डीएचएसए कार्यान्वयन मार्गदर्शिका, लखनऊ और कानपुर के लिए नीति संक्षेप तथा बिहार के घरेलू ऊर्जा परिवर्तन पर नीति नोट शामिल हैं।
कार्यशाला ने शोध, नीति और क्रियान्वयन के बीच तालमेल को मजबूत करने के साथ ही स्मार्ट तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मीडिया प्रभारी सालोनी नागरकुट्टी ने शुक्रवार को बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों को एक मंच पर लाकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए नवाचार आधारित समाधानों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

