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आत्मचित्रों में झलकी पहचान, छात्राओं ने कैनवास पर उकेरी अपनी दुनिया

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आत्मचित्रों में झलकी पहचान, छात्राओं ने कैनवास पर उकेरी अपनी दुनिया


कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। दयानंद गर्ल्स डिग्री कॉलेज में कला के रंगों ने आत्मअभिव्यक्ति की अनोखी छवि पेश की। ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की छात्राओं ने आत्मचित्रों के माध्यम से अपने भीतर के भावों को सजीव रूप दिया। प्रदर्शनी में हर चित्र एक अलग सोच, अनुभव और संवेदनाओं को बयां करता नजर आया। कार्यक्रम में छात्राओं का आत्मविश्वास और रचनात्मकता विशेष रूप से उभरकर सामने आई। आत्मचित्र केवल चेहरा नहीं बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति होता है, यह छात्राओं को खुद को समझने का अवसर देता है। यह बातें गुरुवार को विभागाध्यक्ष प्रो. शुभम शिवा ने कही।

प्रदर्शनी का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. शुभम शिवा के संयोजन में किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि कीर्ति निधि, प्राचार्य डॉ वंदना निगम तथा निदेशक डॉ अर्चना वर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर प्रदर्शित चित्रों के कैटलॉग का भी विमोचन किया गया। अतिथियों ने एक-एक चित्र का अवलोकन करते हुए छात्राओं से संवाद किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी आत्मचित्र ऑयल मीडियम में कैनवस पर तैयार किए गए हैं। छात्राओं ने तस्वीरों के आधार पर चेहरे को उकेरते हुए उसमें अपने आंतरिक भाव, सोच और संवेदनाओं को शामिल किया, जिससे हर चित्र अलग पहचान बनाता दिखा।

छात्रा आर्चिका ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, आत्मचित्र बनाना मेरे लिए एक खास अनुभव रहा। इससे मैंने खुद को और बेहतर तरीके से समझा और अपनी भावनाओं को कला के जरिए व्यक्त कर पाई।

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। असिस्टेंट प्रो. पूजा श्रीवास्तव सहित प्रो. निवेदिता टंडन, प्रो. मंजुलिका हितकारी, प्रो. सुचेता शुक्ला, प्रो. अंजली श्रीवास्तव, प्रो. पप्पी मिश्रा, प्रो. शुभ्रा राजपूत, आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. सुगंधा तिवारी, प्रो. अल्का श्रीवास्तव, कृष्णेन्द्र शर्मा समेत अन्य शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।

प्रदर्शनी अगले दो दिनों तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग छात्राओं की कला और उनकी सोच को करीब से समझ सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप