गंगोत्री देवी महाविद्यालय में वरिष्ठ चिकित्सकों और नर्सिंग प्रतिभाओं का सम्मान
गोरखपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय एवं स्कूल ऑफ नर्सिंग में शुक्रवार को जीएनएम तृतीय वर्ष की छात्राओं का विदाई एवं सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर चिकित्सा एवं जनसेवा में योगदान देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों तथा नर्सिंग प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और मानवीय संवेदनाओं के साथ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
समारोह में डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. जे.पी. जायसवाल, डॉ. स्मिता जायसवाल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, डॉ. ए.पी. गुप्ता, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. पी.सी. शाही, डॉ. सच्चिदानंद गुप्ता, डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. अमित मित्तल एवं डॉ. हर्षिता त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। चिकित्सा सेवा के प्रति उनके समर्पण का अभिनन्दन करते हुए समाज में चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की गई। वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी ने छात्राओं के उत्साहवर्धन और उनके भावी कार्यक्षेत्र से जुड़े दायित्वों को समझने के इस अवसर को विशेष बनाया।
संस्थान की संरक्षिका रीना त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक इंजी. आशुतोष मिश्रा एवं प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी के सान्निध्य में आयोजित समारोह में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता, व्यावसायिक जिम्मेदारी और रोगियों की गरिमापूर्ण देखभाल पर जोर दिया गया। छात्राओं को संदेश दिया गया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान की सार्थकता उनके कार्य, व्यवहार और सेवा की गुणवत्ता में दिखाई देनी चाहिए। रोगी की पीड़ा को समझना, धैर्यपूर्वक उसकी बात सुनना और जिम्मेदारी से देखभाल करना नर्सिंग सेवा के आवश्यक अंग हैं।
समारोह में सेवा और संवेदनशीलता को नर्सिंग के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया। मरीज के साथ आत्मीय व्यवहार और उसके परिजनों से स्पष्ट संवाद उपचार के दौरान भरोसे का वातावरण बनाने में सहायक होते हैं। छात्राओं को अपने पेशे में इन मानवीय मूल्यों का ध्यान रखने तथा प्रत्येक रोगी के प्रति समान सम्मान और सहानुभूति के साथ दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
नर्सिंग प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए निरंतर अध्ययन और व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की गई। छात्राओं को अपने कार्य के प्रति सजग रहने, नई जिम्मेदारियों को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करने और सेवाभाव से समाज में पहचान बनाने का संदेश मिला। स्वास्थ्य सेवा में तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन, धैर्य और टीम के साथ बेहतर समन्वय की अहमियत पर भी जोर दिया गया।
विदाई का अवसर छात्राओं के लिए संस्थान से जुड़ी स्मृतियों को संजोने और पेशेवर जीवन के अगले चरण की ओर बढ़ने का रहा। अध्ययन एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुभव को उनकी भावी जिम्मेदारियों का आधार बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। छात्राओं से अपेक्षा व्यक्त की गई कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग जनसेवा में करेंगी और जिम्मेदार आचरण से संस्थान का मान बढ़ाएँगी।
समारोह में छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और व्यावहारिक प्रशिक्षण में शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई। नर्सिंग शिक्षा के दौरान विषयगत समझ के साथ सेवा के संस्कार विकसित करने में मार्गदर्शन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर पूर्व प्राचार्या लोरीटा याकूब, डॉ. पूनम शुक्ला, डॉ. प्रियंका त्रिपाठी, सुगंधा सिंह, मधु भट्ट, अलका चौधरी, पूनम साहनी, सिंधुजा, प्रतिमा त्रिपाठी, रामदेव, सुमन लाल, रिंकू कुशवाहा, अमिरून निशा और देवेंद्र चौधरी सहित नर्सिंग कॉलेज की शिक्षिकाएँ, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

