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होलिका दहन 2 मार्च को होगा और रंग 4 मार्च को खेला जाएगा

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होलिका दहन 2 मार्च को होगा और रंग 4 मार्च को खेला जाएगा


मुरादाबाद, 28 फरवरी (हि.स.)। श्री हरि ज्योतिष संस्थान मुरादाबाद के ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा बताया कि इस बार होली के पावन पर्व पर खग्रास चंद्रग्रहण पड़ रहा है। इसके चलते होलिका दहन 2 मार्च को होगा और रंग 4 मार्च को खेला जाएगा।

पंडित सुरेंद्र शर्मा ने आगे बताया कि 2 मार्च की रात्रि 12 बजकर 50 मिनट से रात्रि 2 बजकर 02 मिनट के बीच होलिका दहन कर सकते हैं। 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने से रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। इसीलिए होलिका दहन 2 मार्च की रात में होगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा बताया कि भारतीय ज्योतिष और निर्णय सिंधु ग्रंथ के अनुसार, इस दिन भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत माना गया है। इसलिए 2 मार्च की रात्रि 12 बजकर 50 मिनट से रात्रि 2 बजकर 02 मिनट के बीच होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। 3 मार्च फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। वहीं, इस दौरान चंद्रोदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है इसीलिए 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से ही सूतक लग जाएगा। चूंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा, इसलिए भारत में केवल ग्रहण का मोक्ष समाप्ति काल ही दृश्यमान होगा। चंद्रमा पूरी तरह ओझल नहीं होगा, बल्कि पृथ्वी की छाया के कारण थोड़ा धुंधला दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। ग्रहण काल को अशुभ समय माना गया है। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता है और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसीलिए तीन मार्च को रंग नहीं खेला जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल