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हिंदी पत्रकारिता ने भाषा, समाज और लोकतंत्र को दी सशक्त अभिव्यक्ति : कुलपति

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हिंदी पत्रकारिता ने भाषा, समाज और लोकतंत्र को दी सशक्त अभिव्यक्ति : कुलपति


कानपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा भाषा, समाज और लोकतंत्र की सशक्त अभिव्यक्ति रही है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के उपलक्ष्य में 11-12 अप्रैल को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें देश-विदेश के विद्वान, शोधार्थी और पत्रकार भाग लेंगे। यह बातें शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहीं।

यह संगोष्ठी भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसमें लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की सम्भावना है, जबकि 100 से ज्यादा शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के ‘उदंत मार्तंड’ से लेकर एआई युग तक के विकास, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

संगोष्ठी के संयोजक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि प्रतिभागिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और अंतिम तिथि आठ अप्रैल निर्धारित की गई है। अब तक 200 से अधिक प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में चीन, नेपाल और यूक्रेन से भी शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिससे संवाद को वैश्विक आयाम मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आयोजन की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं और यह संगोष्ठी शोधार्थियों, विद्यार्थियों व मीडिया पेशेवरों के लिए उपयोगी साबित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप