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स्वयंसेवकों को प्रेरणा व ऊर्जा देते हैं गीत : श्याम बाबू

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स्वयंसेवकों को प्रेरणा व ऊर्जा देते हैं गीत : श्याम बाबू


कानपुर, 29 मार्च (हि.स.)। संघ गीत स्वयंसेवकों को प्रेरणा व ऊर्जा देने का कार्य करते हैं। उनके भीतर संस्कारों का संचार करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के साथ ही शाखाओं में देशभक्ति गीतों का समावेश रहा है। मानव जीवन में गीतों का विशेष महत्व है। यह बातें रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कानपुर विभाग संघचालक श्याम बाबू गुप्त ने कहीं।

वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कानपुर दक्षिण भाग द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर, दामोदर नगर में आयोजित गीतांजलि कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि गीत लिखने वालों को भले ही सभी न जानते हों, लेकिन उनके भाव स्वयंसेवकों के मन में लंबे समय तक संस्कार छोड़ते हैं।

कार्यक्रम में 13 नगरों से आए स्वयंसेवकों ने भाग लिया,जिसमें प्रत्येक नगर से दो एकल गीत और एक गणगीत की प्रस्तुति दी गई। गणगीत में 10 स्वयंसेवक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान 'हिन्दू जगेगा विश्व जगेगा, कर रहे हम साधना, संघ किरण घर-घर, शत-शत नमन भारत भूमि को, कोई चलता पग चिन्हों पर, चंदन है इस देश, आंधी क्या तूफान मिले जैसे राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए गए। यह कार्यक्रम पिछले आठ वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। इस बार पांच वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक के कुल 156 स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया।

भाग संघचालक राधेश्याम ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि छत्रसाल नगर के वरुण एवं श्याम सुन्दर ने एकल गीत में प्रथम, प्रताप नगर के सत्येन्द्र द्वितीय एवं सावरकर नगर के आयुष तृतीय स्थान पर रहे। गणगीत में माधव नगर प्रथम व छत्रसाल नगर द्वितीय रहा।

कार्यक्रम का संचालन सुधीर, भाग बौद्धिक प्रमुख देवेश त्रिपाठी व प्रशान्त ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख आशीष प्रताप सिंह, प्रवीण पाण्डे, ज्ञानेन्द्र, सह भाग कार्यवाह सुशील अवस्थी, भाग प्रचारक यशजी, सेवा प्रमुख विश्वजीत, संघचालक अरुण, अशोक, अनिल, प्रबल प्रताप सिंह, कृष्ण प्रसाद, राम प्रकाश निवेदरी, योगेन्द्र सचान, विमल सिंह परिहार, रजनीकान्त, शिवम सचान, सुधाकर, ऋषभ आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप