एचबीटीयू के दीक्षांत समारोह में 1,071 विद्यार्थियों को उपाधियां, तकनीकी शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता पर जोर
कानपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। विद्यार्थी केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले, नई तकनीक विकसित करने वाले और विकसित भारत-2047 के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले अभियंता बनें। यह बातें शुक्रवार को हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय के अष्टम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहींं।
कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) का अष्टम दीक्षांत समारोह शुक्रवार को आयोजित हुआ। समारोह में 1,071 विद्यार्थियों को उपाधियां और 47 मेधावियों को पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 28 छात्र और 19 छात्राएं शामिल रहीं। इस दौरान उन्नाव के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गईं तथा 600 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, डेटा विज्ञान, हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार के दौर में युवाओं की भूमिका केवल रोजगार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुसंधान, नवाचार और तकनीक के माध्यम से विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
दीक्षांत समारोह में सभी उपाधियां और अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए गए। राज्यपाल ने डिजिलॉकर के सीमित उपयोग और हाल के वर्षों में दस्तावेज अपलोड होने की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए परीक्षा नियंत्रक से इसका कारण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण में मिली कमियों को एक से दो माह के भीतर दूर करने, छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने, बालिका छात्रावासों की सुरक्षा मजबूत करने तथा आरओ और विद्युत व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि तकनीकी संस्थानों में भवनों का डिजाइन उपयोगकर्ताओं की आवश्यकता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के नवीन भवनों का लोकार्पण और विद्यार्थियों के लिए वाहन सेवा का शुभारंभ किया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, विद्यार्थियों तथा एचपीवी टीकाकरण अभियान से जुड़े अधिकारियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एफडीडीआई के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान ने विद्यार्थियों को स्व-नेतृत्व, पर्यावरण संरक्षण और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया, जबकि कुलपति प्रो. समशेर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

