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हाथरस : नहर की पटरी टूटने से 150 बीघा से अधिक फसल जलमग्न, किसानों ने खुद कराई मरम्मत

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हाथरस : नहर की पटरी टूटने से 150 बीघा से अधिक फसल जलमग्न, किसानों ने खुद कराई मरम्मत


हाथरस, 08 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में सादाबाद तहसील क्षेत्र में कुम्हरई और सरौंठ गांव के पास मंगलवार सुबह बंबा की कच्ची पटरी टूटने से करीब 150 बीघा से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में पानी भरने से खड़ी फसल खराब होने की आशंका से किसान परेशान हैं। पानी के तेज बहाव से नीम का पेड़ बिजली लाइन पर गिर गया, जिससे करीब आधा दर्जन बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

किसानों का आरोप है कि नहर विभाग ने बंबा में पानी छोड़ने से पहले पटरियों का मौके पर निरीक्षण नहीं किया। बताया जा रहा है कि बीती रात सोमवार अचानक पानी छोड़े जाने के बाद कुम्हरई के पास कच्ची पटरी पानी का दबाव नहीं झेल सकी और टूट गई। सुबह खेतों में पानी भरा देखकर किसानों ने अधिकारियों को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन कई अधिकारियों के फोन बंद मिले।

इसके बाद किसानों ने स्वयं जेसीबी बुलाकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद टूटी पटरी की मरम्मत कराई। किसान नरेंद्र, मैकूलाल, दीनदयाल आदि का कहना है कि कई स्थानों पर जंगली जानवरों द्वारा खोदी गई कच्ची पटरियां पहले से कमजोर हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा पानी छोड़ने से पहले उनका स्थलीय निरीक्षण नहीं किया जाता।

उपजिलाधिकारी सादाबाद रितु सिरोही ने बताया कि बंबा की पटरी टूटने की सूचना मिलते ही स्थिति का जायजा लिया गया। पानी के बहाव को रोकने के लिए पटरी की मरम्मत कराई गई है। खेतों में हुए नुकसान का भी संबंधित स्तर से आकलन कराया जाएगा। बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना विद्युत विभाग को दे दी गई है और आपूर्ति बहाल करने की कार्रवाई की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना