गुरुपूर्णिमा पर सेवा, साधना और गुरु परंपरा के आदर्शों का पालन करने का संकल्प लिया गया : संजय सिंघानी
कानपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु-पूजन, जप, ध्यान और सेवा के माध्यम से गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की तथा परोपकार, संयम, सदाचार और समाजसेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। यह बातें बुधवार को संत श्री आशारामजी आश्रम के मीडिया प्रभारी संजय सिंघानी ने गुरुपूर्णिमा महोत्सव के संबंध में जारी जानकारी में कहीं।
संत श्री आशारामजी बापू आश्रम में गुरुपूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। आश्रम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सुबह वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने गुरु-पादुका पूजन, मानस गुरु-पूजन, प्रार्थना तथा जप-संकल्प में भाग लिया। सत्संग भवन सहित पूरे आश्रम परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
आश्रम की ओर से बताया गया कि श्रद्धालुओं ने परोपकार, संयम, सदाचार, कर्तव्यपालन, संस्कृति संरक्षण, गौसेवा और समाजसेवा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आश्रम से प्रकाशित मासिक पत्रिका 'ऋषि प्रसाद' की जयंती भी मनाई गई। सेवाधारियों ने पत्रिका के सामाजिक और सांस्कृतिक संदेशों की जानकारी दी तथा देश-विदेश में जुड़े श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार देश-विदेश स्थित संत आशारामजी आश्रमों में भी गुरुपूजन, जप, ध्यान, सत्संग, पादुका पूजन, जरूरतमंदों को भोजन एवं जीवनोपयोगी सामग्री वितरण सहित विभिन्न धार्मिक और सेवा संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

