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राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान

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राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर के चौथे दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

इस दौरान राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि माई भारत पोर्टल के माध्यम से 16 जुलाई से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान से जुड़ने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशे से सदैव दूर रहना चाहिए तथा घर-घर जाकर लोगों को भी इसके प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपने स्वास्थय का विशेष ध्यान रखने का आह्वान करते हुए नियमित योग, व्यायाम एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।

राज्यपाल ने कहा कि भारत आज सेमीकंडक्टर व क्वांटम प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं एयरोस्पेस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वदेशी तकनीक एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को नवाचार एवं शोध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रयास किये जा रहे है जिसमे अभी-अभी कुछ युवाओं ने मिलकर अंतरिक्ष में अपना उपग्रह स्थापित किया है। जो निश्चिय ही हमारे लिए अनुकरणीय है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी प्रभावी निर्वहन किया है। विश्वविद्यालय एवं मण्डल के तीनों जनपदों के जिला प्रशासन के सहयोग से 700 आंगनबाड़ी किटों का वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान शिविर, टीबी मुक्त भारत अभियान, नशामुक्त भारत अभियान, महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, मासिक धर्म कप वितरण, बाल गृह एवं कारागार शैक्षणिक भ्रमण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे अनेक कार्यक्रम समाज के प्रति विश्वविद्यालय की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। माननीया ने पूरे प्रदेश में अब तक 67,643 आंगनबाडी किटों के वितरण का भी उल्लेख किया जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण के लिए ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। साथ ही दीक्षोत्सव की दिग्दर्शिका, भाषण संकलन एवं चयनित पेंटिंग्स के संकलन का विमोचन भी किया गया।

मुख्य अतिथि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और नई तकनीकों के युग में विद्यार्थियों को स्वयं को समयानुकूल तैयार करना होगा। उन्होंने अनुशासन, निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन को सफलता का आधार बताते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के इस दौर में विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने एआई, मशीन लर्निंग और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय