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सरकार नहीं चाहती ओबीसी की सही आबादी के आंकड़े सामने आएं:संजय माली

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सरकार नहीं चाहती ओबीसी की सही आबादी के आंकड़े सामने आएं:संजय माली


जौनपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जनगणना-2027 के फॉर्म में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संजय माली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा।

कांग्रेस ने मांग की कि जनगणना फॉर्म में ओबीसी का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए और जातियों की जानकारी दर्ज करने के लिए पहले से मौजूद जातियों की प्रमाणित सूची अथवा ड्रॉप डाउन सूची उपलब्ध कराई जाए। जिलाध्यक्ष संजय माली ने कहा कि भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव-2024 से पहले वर्ष 2027 में ओबीसी वर्ग की जनगणना कराने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 अगस्त 2026 की जनगणना अधिसूचना में ओबीसी का कॉलम नहीं जोड़ा गया है। जाति संबंधी जानकारी के लिए ओपन-एंडेड व्यवस्था रखी गई है और पहले से सूचीबद्ध जातियों की ड्रॉप डाउन सूची भी नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि ओपन-एंडेड तरीके से जातियों की गणना करने पर एक ही जाति के नाम अलग-अलग तरीके से दर्ज होने और उसके कई उपनाम अथवा उप-जातियों में बंटने की आशंका रहेगी। इससे ओबीसी की वास्तविक आबादी के साथ उनकी शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का सही आकलन करना कठिन होगा।

संजय माली ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ओबीसी कॉलम और सूचीबद्ध जातियों की ड्रॉप डाउन सूची शामिल करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और तेलंगाना में जातिगत आंकड़े जुटाने के बेहतर मॉडल मौजूद होने के बावजूद केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 में ओबीसी कॉलम नहीं जोड़ा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी जनगणना को स्वीकार नहीं करेगी, जिसमें ओबीसी की वास्तविक संख्या और स्थिति का स्पष्ट आंकड़ा सामने न आए। पार्टी की मांग है कि ओबीसी आबादी को उनकी संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व, रोजगार और संसाधनों में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए सही जातिगत आंकड़े जुटाए जाएं।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव