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विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प

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विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प


विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प


विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प


विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प


विंध्यवासिनी पार्क में प्रकृति का महाकुंभ, आकर्षण का केन्द्र रहे पुष्प


गोरखपुर, 22 फ़रवरी (हि.स.)। विंध्यवासिनी पार्क रविवार को उस विराट दृश्य का साक्षी बना, जहाँ प्रकृति ने अपने समस्त रंग, आकार और सुगंध एक साथ बिखेर दिए। रोटरी क्लब गोरखपुर द्वारा आयोजित “गोरखपुर फ्लावर शो 2026” सुबह 11 बजे आरंभ होकर शाम 5 बजे तक हजारों आगंतुकों की उपस्थिति में गरिमापूर्वक संपन्न हुआ। प्रवेश द्वार पर पुष्प-तोरण, थीम आधारित सज्जा और सुव्यवस्थित मार्गदर्शन ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की भव्यता प्रदान की। परिवारों, विद्यार्थियों, कलाकारों, उद्यान विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों की व्यापक भागीदारी ने इसे शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर की महत्वपूर्ण घटना बना दिया।

पुष्प प्रदर्शनी: रंगों की जीवंत चित्रशाला

गुलाब, लिली, डहेलिया, ऑर्किड, जरबेरा, पिटूनिया, गेंदा और अन्य मौसमी पुष्पों की विविध प्रजातियों ने पार्क को सुरभित कर दिया। प्रत्येक सेक्शन को इस प्रकार सजाया गया कि वह सौंदर्य के साथ-साथ बागवानी के वैज्ञानिक पक्ष को भी दर्शाए। बोनसाई अनुभाग विशेष आकर्षण रहा—लघु वृक्षों की महीन संरचना ने वर्षों की साधना का संदेश दिया। कैक्टस गैलरी में दुर्लभ प्रजातियों का प्रदर्शन जलवायु-अनुकूल पौधों की संभावनाओं का सजीव उदाहरण बना।

नवाचार और शहरी बागवानी को मिला मंच

फ्लोरीकल्चर उत्पाद स्टॉलों पर सजावटी पौधों, जैविक खाद, वर्मी-कम्पोस्ट, गार्डनिंग टूल्स और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की प्रदर्शनी लगी। लाइव गार्डनिंग सत्रों में विशेषज्ञों ने छत पर उद्यान विकसित करने, पौधों की रोग-नियंत्रण तकनीक, जल संरक्षण और जैविक पोषण पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कई आगंतुकों ने सीधे संवाद कर अपने घरों और मोहल्लों में हरित पहल शुरू करने की योजना बनाई।

कला प्रतियोगिता: नई पीढ़ी की हरित अभिव्यक्ति

दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक आयोजित “नेचर एंड ब्लॉसम्स: एन आर्टिस्टिक सेलिब्रेशन” में 11–15 वर्ष और 16–20 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक सौंदर्य को चित्रों में उकेरा। “माय ड्रीम गार्डन”, “सेव नेचर, ग्रो फ्लावर्स”, “ब्लूमिंग अर्थ” और “पुष्पों का रंग महोत्सव” जैसे विषयों पर प्रस्तुत कृतियों ने पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रभावी संदेश दिया। निर्णायक मंडल ने रंग-संयोजन, विषय-गहराई और रचनात्मकता की प्रशंसा की।

पुरस्कार वितरण: उत्कृष्टता का सम्मान

समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। व्यक्तिगत श्रेणी में ई.डी. लॉरेंस प्रथम, डॉ. नीलम दीक्षित द्वितीय और अरुण राय तृतीय स्थान पर रहे। संस्थागत श्रेणी में नगर निगम प्रथम, जिला कारागार द्वितीय और उद्यान विभाग तृतीय रहा। बोनसाई श्रेणी में करुणा मातनहेलिया प्रथम तथा संजीव अग्रवाल द्वितीय स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल के लिए रचना सिरोही को प्रथम, नया राज्य फार्म को द्वितीय और विजय श्रीराम को तृतीय स्थान मिला। नवाचार श्रेणी में एग्रो बाथी प्रथम, प्रखर द्वितीय और जलकुंभी तृतीय स्थान पर रहे।

नगर प्रमुख डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव व कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि ऐसे आयोजन पर्यावरणीय चेतना को जन-आंदोलन का रूप देते हैं और युवाओं को सतत विकास के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिक्षा संस्थानों और नागरिक संगठनों से हरित अभियानों को नियमित स्वरूप देने का आह्वान किया।

अध्यक्ष सतीश राय ने अपने संबोधन में कहा कि फ्लोरल फेस्ट का मूल उद्देश्य नागरिकों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से वर्ष में कम-से-कम एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की और इसे सामूहिक उत्तरदायित्व बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय