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माँ गोमती पदयात्रा : आस्था, संकल्प और जनजागरण का विराट संगम, लखीमपुर खीरी पहुंचा अभियान

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माँ गोमती पदयात्रा : आस्था, संकल्प और जनजागरण का विराट संगम, लखीमपुर खीरी पहुंचा अभियान


माँ गोमती पदयात्रा : आस्था, संकल्प और जनजागरण का विराट संगम, लखीमपुर खीरी पहुंचा अभियान


माँ गोमती पदयात्रा : आस्था, संकल्प और जनजागरण का विराट संगम, लखीमपुर खीरी पहुंचा अभियान


पदयात्रा का समापन 5 अप्रैल काे कुड़ियाघाट लखनऊ में

लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। मां गोमती नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के उद्देश्य से शुरु की गई गोमती दर्शन पदयात्रा निरंतर जनजागरण का संदेश देते हुए अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही है। 28 मार्च को पीलीभीत जनपद के माधोटांडा स्थित मां गोमती के उद्गम स्थल से प्रारंभ यह पदयात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होती हुए शाहजहांपुर जिले से बुधवार काे टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर लखीमपुर खीरी में अभियान के तहत जनजागरण कर रही है। पदयात्रा का समापन 5 अप्रैल काे कुड़ियाघाट लखनऊ में हाेगा। इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयाेजन की तैयारी है।

मां गोमती के उद्गम स्थल से प्रारंभ यह पदयात्रा अब तक कई पड़ाव पार कर चुकी है। बंडा स्थित श्री सोनासीरनाथ बाबा मंदिर से प्रातःकाल विधिवत पूजन-अर्चन के क्रम में श्रद्धालु मजरिया घाट पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ के दिव्य दर्शन कर मां गोमती के पावन तट पर विधिवत पूजन सम्पन्न हुआ। मां गोमती की अविरल जलधारा के साक्षात दर्शन कर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे तथा महंत का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके पश्चात पदयात्रा गदई सांडा होते हुए पन्ना घाट, शाहजहाँपुर पहुँची, जहाँ विश्व हिंदू परिषद ब्रज प्रांत के उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

सभा को संबोधित करते हुए गोमती दर्शन संस्था के संयोजक अनुराग पांडेय ने माँ गोमती यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि माँ गोमती को जल की अत्यंत आवश्यकता है तथा उनके प्राकृतिक वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) का संरक्षण एवं पुनर्जीवन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने माँ गोमती को राज्य नदी का दर्जा दिए जाने की भी मांग रखी।

अनुराग पाण्डेय ने बताया कि गोमती नदी प्रदेश की एकमात्र ऐसी नदी है, जो अपने ही राज्य में उद्गम लेकर उसी प्रदेश में विलीन होती है तथा प्रदेश के प्रथम जिले से अंतिम जिले तक रूहेलखंड, मध्यांचल एवं पूर्वांचल को सिंचित करती है। इस अवसर पर उन्होंने जन-जन से माँ गोमती के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन हेतु सक्रिय जनसहभागिता का आह्वान किया।

इस संपूर्ण पदयात्रा का नेतृत्व गोमती दर्शन संस्था के संयोजक अनुराग पांडेय एवं अध्यक्ष श्वेता सिंह के द्वारा किया जा रहा है। पदयात्रा में प्रमुख रूप से अमिताभ पांडे, राजनारायण (नगर संघचालक, बंडा), देवेश सिंह, विमल वर्मा, बालकार सिंह, हर्षित, आदित्य शुक्ला सहित अरविंद पांडे, अभिनय तिवारी, अंकुर पांडे, रजत तिवारी, अमरीश शर्मा, बाबू भाई, ब्रिजेश शुक्ला अमित गुप्ता, पुनीत, राज सोनकर, सुजीत मौर्य, संजय यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पन्ना घाट पर आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस पदयात्रा का नेतृत्व गोमती दर्शन संस्था के संयोजक अनुराग पांडेय एवं अध्यक्ष श्वेता सिंह कर रहे हैं।

यात्रा के अंतर्गत मंगलवार रात्रि विश्राम टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर लखीमपुर खीरी में करने के बाद बुधवार को यहाँ प्रातःकाल माँ गोमती स्वच्छता अभियान, पूजन एवं हवन-पूजन का आयोजन किया गया। आज सायंकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत माँ गोमती तट स्थित टेढ़ेनाथ बाबा मंदिर के पीछे भव्य माँ गोमती आरती एवं विचार गोष्ठी की जाएगी। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजकिशोर प्रांतीय प्रमुख, समरसता विभाग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं मुख्य वक्ता के रूप में नरेंद्र सिंह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

माँ गोमती के संरक्षण का दिया संदेश

गोमती नदी किनारे प्लास्टिक एवं पन्नी के उपयोग पर पूर्ण रोक लगाने की अपील के साथ ही पूजा सामग्री में प्लास्टिक युक्त वस्तुओं का प्रयोग न करने का आग्रह किया जा रहा है। पक्के (रासायनिक) दीयों के स्थान पर आटे के दीये एवं पत्तों के दोने के उपयोग को बढ़ावा देने का भी संदेश दिया। यात्रा में चल रहे लोगों द्वारा स्थानीय निवासियों को धूपबत्ती एवं अन्य पूजन सामग्री को कागज या प्राकृतिक वस्तुओं में ले जाने की प्रेरणा दी जा रही है।

गोमती दर्शन संस्था के संयोजक अनुराग पांडेय एवं अध्यक्ष श्वेता सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और प्रकृति संरक्षण का संदेश देने वाला एक सशक्त जनआंदोलन बनती जा रही है, जो निरंतर जन-जन को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह