home page

माता के खजाने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं, हर शुक्रवार बरसती है समृद्धि : करन रामानुज दास

 | 
माता के खजाने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं, हर शुक्रवार बरसती है समृद्धि : करन रामानुज दास


कानपुर, 20 मार्च (हि.स.)। माता के इस खजाने की कृपा से अनगिनत भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं—किसी को नौकरी मिली तो किसी का घर बसा। नवरात्र के हर शुक्रवार इस खजाने को घर ले जाकर तिजोरी में रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है और अभाव दूर होते हैं। यह बातें शुक्रवार को माता वैभव लक्ष्मी मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष करन रामानुज दास ने कही।नवरात्र के पावन अवसर पर शुक्रवार को माता वैभव लक्ष्मी मंदिर में भक्तों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। हर वर्ष की तरह इस बार भी दूर-दूर से आए श्रद्धालु माता का ‘खजाना’ प्राप्त करने के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। भक्तों में इस दिन को लेकर खास उत्साह देखने को मिला, क्योंकि मान्यता है कि नवरात्र के शुक्रवार माता अपने खजाने का आशीर्वाद भक्तों पर बरसाती हैं।मंदिर में प्रातःकालीन आरती और विधिवत पूजन के बाद खजाना वितरण का क्रम शुरू हुआ, जो पूरे दिन चलता रहा। श्रद्धालु अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार करते रहे और माता के दरबार में जयकारों के बीच आस्था का माहौल बना रहा।उपाध्यक्ष करन रामानुज दास ने बताया कि यह माता वैभव लक्ष्मी का अनूठा धाम है, जहां माता के दोनों हाथ वरद मुद्रा में विराजमान हैं, यानी माता अपने भक्तों पर दोनों हाथों से वैभव और समृद्धि बरसा रही हैं। उन्होंने बताया कि माता ने स्वप्न में एक कन्या के रूप में दर्शन देकर यहां स्थापित होने का संकेत दिया था, जिसके बाद यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।कासगंज से आई रूपा वाजपेई ने बताया कि वह माता का खजाना लेने विशेष रूप से यहां पहुंची हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि माता उनकी मनोकामनाएं पूरी करेंगी। वहीं बिल्हौर निवासी माया देवी ने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से लगातार यहां आकर माता का खजाना प्राप्त कर रही हैं और उनके जीवन में माता की कृपा बनी हुई है।श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो भी भक्त माता का खजाना लेकर उसे अपनी तिजोरी में रखता है, उसके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती। यही अटूट आस्था हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्तों को इस मंदिर तक खींच लाती है।ऐसी मान्यता है कि खजाना ले जाने के बाद श्रद्धालु इसे अपने घरों की तिजोरी और प्रतिष्ठानों की गुल्लक में रखते हैं। इससे उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता बनी रहती है, कारोबार में तरक्की होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। भक्तों का कहना है कि माता का यह वरदान पूरे साल उनके साथ रहता है और उनके घरों में कभी अभाव नहीं आता।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप