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बकरी पालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, 25 किसानों को मिला प्रशिक्षण : डॉ. अरुण कुमार सिंह

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बकरी पालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, 25 किसानों को मिला प्रशिक्षण : डॉ. अरुण कुमार सिंह


कानपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। बकरी पालन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार का बेहतर माध्यम है। इससे नियमित आय के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। यह बातें सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र, दलीप नगर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने पांच दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कहीं।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र, दलीप नगर में शुरू हुए प्रशिक्षण में कानपुर देहात के विभिन्न विकास खंडों से 25 किसान हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन की जानकारी देकर कम लागत में अधिक लाभ के लिए तैयार करना है।

डॉ. अरुण कुमार सिंह ने युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए बकरी पालन जैसे लघु पशुपालन व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर बकरी पालन को व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है और इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने किसानों को भारत में बकरी पालन की स्थिति, प्रमुख नस्लों की पहचान और प्रजनन प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बकरियों के पोषण, आवास, रखरखाव और उत्पादों के मूल्य संवर्धन से जुड़े पहलुओं को भी समझाया। वैज्ञानिक तरीके से पालन करने पर कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त करने के उपाय बताए गए।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को बकरी पालन की पूरी व्यावसायिक प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसमें बकरियों के लिए उचित आवास, संतुलित पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन, प्रजनन, नस्ल चयन और रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि बकरी पालन के दौरान किन सावधानियों का ध्यान रखकर लागत कम और आमदनी अधिक की जा सकती है।

कार्यक्रम में केंद्र के डॉ. खलील खान, डॉ. दीपक मिश्रा और डॉ. निमिषा अवस्थी ने भी किसानों को संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप