home page

जर्जर ‘संजय सेतु’ बना खतरे की घंटी, पुल पर नौ इंच का गड्ढा हाेने से वाहनों की रफ्तार हुई धीमी

 | 
जर्जर ‘संजय सेतु’ बना खतरे की घंटी, पुल पर नौ इंच का गड्ढा हाेने से वाहनों की रफ्तार हुई धीमी


बाराबंकी 25 फ़रवरी (हि.स.)। संजय सेतु इन दिनों अपनी जर्जर हालत को लेकर चर्चा में है। घाघराघाट पर घाघरा नदी के ऊपर बने इस पुल की डाउन लाइन पर करीब नौ इंच गहरा गड्ढा हो गया है। हर गुजरते वाहन के साथ हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है, लेकिन मौके पर न तो बैरिकेडिंग है और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था।

डाउन लाइन की हालत बेहद खराब

लखनऊ से गोंडा–बहराइच की ओर जाने वाली डाउन लाइन सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त है। कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है और पुल के जोड़ असमान हो गए हैं। इन हिस्सों से गुजरते समय वाहन उछलते हैं, जिससे चालक संतुलन खो सकते हैं। दोपहिया और छोटे वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक है।

अप लाइन पर भी बढ़ा दबाव

बहराइच से लखनऊ की ओर जाने वाली अप लाइन की स्थिति फिलहाल बेहतर है, लेकिन लगातार बढ़ते यातायात का दबाव उस पर भी असर डाल रहा है। यह पुल लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती होते हुए नेपाल तक जाने वाले मार्ग का प्रमुख संपर्क है। रोजाना हजारों वाहन इस पर से गुजरते हैं।

स्थानीय लोगों में रोष

स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि पुल की मौजूदा हालत किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। उनका आरोप है कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने तत्काल तकनीकी जांच और मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि वाहन चालक दहशत में धीमी गति से पुल पार कर रहे हैं। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो यह जर्जर पुल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

विभाग का कहना

एनएचआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, मरम्मत के लिए संसाधन और श्रमिक घाघरा तट पर मौजूद हैं। शासन से आदेश मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी