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उप्र असीमित संभावनाओं का राज्य, प्रगति व गति से देखा जा सकता है : योगी आदित्यनाथ

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उप्र असीमित संभावनाओं का राज्य, प्रगति व गति से देखा जा सकता है : योगी आदित्यनाथ












लखनऊ, 26 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक उद्यमियों को अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनायीं और कहा कि अब यहां सिंगल विंडाे सिस्टम से काम होता है। सपा सरकार में अराजकता व उपद्रव का जिक्र करते हुए कहा आज यह उत्सव प्रदेश बन चुका है और यह प्रभु श्री राम से लेकर भगवान कृष्ण की लीला भूमि के साथ—साथ ज्ञान और वेद—पुराणों की रचना करने वाली भूमि है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को उत्तर प्रदेश में वैश्विक नवाचार, निवेश और तकनीकी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से जीसीसी इनोवेशन समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम द सेंट्रम - होटल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न उद्यमियों और राज्य सरकार के बीच निवेश को लेकर एमओयू पर भी हस्ताक्षर हुए। कार्यक्रम में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मुख्यमंत्री योगी समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश में तेजी से प्रगति हो रही है। प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करने के लिए सरल नीतियां बनायी गयीं हैं और पूरे प्रदेश में निवेशकों व उद्यमियों की का सुरक्षा का माहौल मिला। यही कारण है कि उप्र में निवेश का माहौल है।

कार्यक्रम में उद्यमियों ने योगी सरकार के कामकाज से जुडे़ अपने अनुभव सुनाये और कहा कि अब उद्योंगों को योगी सरकार की गति के अनुरूप खुद को ढालना एक बड़ी चुनौती है। उन्हाेंने कहा कि यहां समिट से हाेने वाले निवेश से प्रदेश की प्रतिभाओं को नौकरी मिलेगी और उन्हें दूरदराज नहीं जाना पडे़गा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की विभिन्न धार्मिक विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां रामराज्य है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में ही प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था और भगवान कृष्ण ने भी सभी लीलाएं इसी भूमि पर की हैं। यही नहीं लखनऊ से महज 70 किमी दूरी पर नैमिषारणय में तीन हजार साल पहले 88 हजार ऋषियों ने वेद पुराणों की रचना की और देश—दुनिया को धर्म का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ होता है और देश में ऐसे ही चार अन्य स्थानों हरिद्वार, नासिक त्रयंबकेश्वर, अवंतिका(उज्जैन) में होते हैं। इसी प्रकार काशी प्राचीन काल से ज्ञान की नगरी रही है। इन स्थानों पर ही न्याय के फैसले होते थे। देश में कहीं भी राजा का विवाद हो या फिर विद्वता से जुडा मामला तो अपने अपने क्षेत्र में स्थित इन्हीें प्राचीन धार्मिक स्थलाें के साथ-साथ काशी के विद्वानों के पास आते थे और यहां सुनाया गया फैसला ही सर्वमान्य होता है। आज काशी, प्रयागराज, वृंदावन और अयाेध्या में सबसे अधिक श्रद्धालु आते हैं और इससे इकाेनामी में काफी उछाल आया है। लाेगाें काे काम मिलने से उनकी आय बढ़ी है।

2017 से पहले उप्र की नहीं थी कोई पहचान

2017 से पूर्व की सरकारों में कानून की बिगड़ी स्थिति, माफियाराज का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तब की सरकार ऐसी समिट की सोच भी नहीं सकती थी। एक बार वर्ष 2015 —16 में करने की सोची थी लेकिन उप्र में नहीं बल्कि दिल्ली के एक होटल में; सोचो उप्र में जब समिट करने की हिम्मत नहीं तो फिर निवेश कहां से आता; उन्होंने कहा कि बिजली—पानी सडक की व्यवस्था तक नहीं थी। अपराध चरम पर था और अपराधी की शासन सत्ता को संभालते थे। उत्तर प्रदेश अपनी पहचान पूरी तरह से भूल चुका था। वैसे भी तब के मुख्यमंत्री का ईश्वर में कम कुर्सी पर ज्यादा विश्वास था और वे अंधविश्वास के कारण नाेएडा नहीं जाते थे जबकि हमारी सरकार ने नाेएडा में कई बडे़ काम किये हैं।

अब असीमित संभावनाओं का राज्य बना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा आज जब उत्तर प्रदेश की चर्चा होती है तो लोग हमसे पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश का मतलब क्या है? मैं उन्हें एक ही जवाब देता हूं कि यह असीमित संभावनाओं का राज्य है। उनका प्रश्न होता है कि ये हम कैसे मानें? तो मैं कहता हूंकि प्रश्न का समय नहीं है, अब तो उत्तर जानने का समय है और उत्तर, उत्तर प्रदेश की प्रगति व गति से देखा जा सकता है।

एक जिला एक उत्पाद से मिला कराेड़ाें लाेगाें काे काम

उन्होंने राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद की महत्वाकांक्षी योजना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान उसके उत्पाद से होती है और कई उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बन चुके हैं, वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ 130 स्टार्टअप थे लेकिन अब इनकी संख्या बढकर 25 हजार से अधिक हो चुकी है, तीन करोड से अधिक लोग एमएसएमई में कार्यरत हैं; कोई विश्वास करेगा क्या लेकिन हमने यह करके दिखा दिया है, जबकि वर्ष 2017 से पहले वन डिस्ट्रिक वन माफिया का राज चलता था और वही प्रदेश की पहचान थी।

क्राइम कैपिटल में बनाया इंटरनेशनल एयरपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी ने कहा वर्ष 2017 से पहले जेवर ऐसा क्राइम कैपिटल था कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक ही लोग बाहर निकलते थे लेकिन पिछले दस सालों में कानून का राज किया गया। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर उसका नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही एमएसएमई पार्क, फिल्म सिटी, सेमी कंडक्टर चिप बनाने वाली इकाई की स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण किये गये हैं और यह तेजी से काम चल रहा है। इसी प्रकार प्रदेश के सभी बडे शहरों में निवेश के लिए काम किया जा रहा है। कई बड़ी कंपनियाें ने यहां अपने यूनिटें स्थापित की हैं। इनमें से कई संस्थानाें की स्थापना में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञाें की मदद की ली जा रही है।

डिफेंस कारिडोर बनाकर देश की सुरक्षा—रक्षा में कर रहें योगदान

उन्हाेंने प्रदेश की राजधानी लखनउ में बने डिफेंस कारिडोर की स्थाना और उसके उद्देश्यों का विस्तार से जिक्र किया। कहा कि ऐसा इसलिए किया गया कि यहां के युवाओं को अच्छा काम तो मिले ही देश की सुरक्षा व रक्षा में भी उत्तर प्रदेश का योगदान हो सके। अब यहां एक से बढ़कर एक रक्षा उत्पाद बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कोविड काल में अपनी सरकार के कामकाज और सभी लोगों को रोजगार की उपलब्धता और जीविका के साधन उपलब्ध कराने के अपने संकल्प की भी जानकारी दी कि उन्होंने किन चुनौतियों के बावजूद कोविड काल में लोगों को जरूरत के हिसाब से काम दिया और उनकी आय को बढ़ाया। इस अवसर पर प्रमुख कंपनियाें के प्रमुख और उद्यमी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई उद्यमियाें से संवाद कर उनके विचार जाने और उनका उत्साह बढ़ाया।

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह