मुविवि में जीएसटी सुधारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रबंधन गुरुओं का जमावड़ा
--राष्ट्रीय संगोष्ठी में नागेश्वर राव, आलोक राय एवं जीएसटी विशेषज्ञ देंगे महत्वपूर्ण विमर्श
--देश भर से आ रहे 520 प्रतिभागी प्रस्तुत करेंगे शोध पत्र
प्रयागराज, 07 मई (हि.स)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 08 मई को पूर्वाहन 10ः30 बजे से विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हाेना है। जिसका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों, नीति निर्माण और शैक्षणिक विमर्श को बढ़ावा देना है।
यह जानकारी राष्ट्रीय सेमिनार के संयोजक प्रोफेसर देवेश रंजन त्रिपाठी ने गुरुवार काे देते हुए बताया कि उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, इग्नू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव, विशिष्ट अतिथि उपायुक्त, जीएसटी, लखनऊ दिव्येंदु शेखर गौतम तथा मुख्य वक्ता भारतीय प्रौद्योगिकी सस्थान कोलकाता के निदेशक प्रोफेसर आलोक कुमार राय होंगे। अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम करेंगे।
प्रोफेसर देवेश ने बताया कि राष्ट्रीय सेमिनार के छह तकनीकी सत्रों में देश भर से 520 प्रतिभागी शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। इन 06 तकनीकी सत्रों में प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ प्रो लवकुश मिश्रा, प्रो शैलेंद्र कुमार, सीए सुमित अग्रवाल, डॉ नीरज शुक्ला, डॉ एस टी जोसेफ, डॉ रेजिना जॉन, प्रो मानस पांडेय, डॉ ए सी पांडेय, डॉ अंजनी कुमार, प्रो विनोद कुमार पांडेय, डॉ ऋचा सिन्हा, डॉ हिमांशु कुमार पांडेय, प्रो माधवेंद्र मिश्रा, डॉ प्रदीप कुमार सिंह, राहुल चटर्जी, डॉ अवधेश कुमार गुप्ता, डॉ श्रुतिका मिश्रा, डॉ अभय पांडेय, डॉ सुधीर शर्मा तथा डॉ बी बी अग्रवाल संगोष्ठी में अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त करेंगे।
मुक्त विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र मिश्र ने बताया कि यह पहल देश के जीएसटी सुधारों को समझने, क्रियान्वित करने और उनके प्रभावों का विश्लेषण कर आवश्यक सुझावों को एकत्रित कर नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के एकमात्र अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं विश्वविद्यालय परिवार अपने पूर्व कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव के आगमन से उत्साहित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

