गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट; एनडीआरएफ तैनात : जिलाधिकारी
कानपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है और लोगों को नदी किनारे जाने से बचना चाहिए। यह बातें गुरुवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।
लगातार हो रही बारिश और सावन माह के चलते गंगा एवं यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आज शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.070 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 93 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से शहर के कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि नदी किनारे स्थित संवेदनशील क्षेत्रों और कटरी के गांवों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी तहसीलों को अलर्ट कर दिया गया है और लेखपाल व तहसीलदार लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।
उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए खाद्यान्न पैकेट, अस्थायी आवास और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है। इसके अलावा पीएसी की फ्लड कंपनी और एनडीआरएफ की एक यूनिट को भी तैयार रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा और यमुना के किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें तथा स्नान या अन्य गतिविधियों के लिए नदी में उतरने से बचें। प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ चेतावनी संबंधी संकेतक भी लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में बारिश को देखते हुए जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

