कानपुर : पहाड़ी बारिश का असर, गंगा चेतावनी बिंदु के पार, 114.10 मीटर पहुंचा जलस्तर
कानपुर, 25 अगस्त (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर लगातार गंगा के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। कानपुर जनपद के बैराज में मंगलवार को गंगा का जलस्तर 114.10 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित चेतावनी बिंदु 114 मीटर से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांवों और खेतों में खड़ी फसलों को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान 115 मीटर से 90 सेंटीमीटर नीचे है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.100 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 113.950 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 3,48,012 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। विभाग लगातार जलस्तर और बैराजों से आने वाले पानी की निगरानी कर रहा है।
शुक्लागंज गेज पर गंगा का जलस्तर 112.620 मीटर दर्ज हुआ। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का स्तर 114 मीटर है। यानी शुक्लागंज में नदी अभी चेतावनी बिंदु से 38 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं हरिद्वार बैराज से 71,689 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,22,848 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
पिछले दिनों भी पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। गंगा किनारे बसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कानपुर बैराज में खतरे का स्तर 115 मीटर निर्धारित है और इस स्तर पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक माना गया है। फिलहाल बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

