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पहाड़ी बारिश का असर, गंगा चेतावनी बिंदु से 2 मीटर नीचे

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पहाड़ी बारिश का असर, गंगा चेतावनी बिंदु से 2 मीटर नीचे


कानपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। कानपुर में गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। गंगा बैराज के आसपास बसे 10 से अधिक गांवों के किसानों को नदी के किनारे खड़ी फसलों के डूबने की आशंका सता रही है। हालांकि अभी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

आज शुक्लागंज गेज पर गंगा का जलस्तर 111 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 113 मीटर से दो मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन पहले ही गंगा किनारे बसे गांवों को अलर्ट कर चुका है। घाटों पर जल पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है, जबकि गंगा बैराज क्षेत्र में नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।

जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा बैराज और नदी किनारे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

वहीं गंगा बैराज में गेज मीटर मापने वाले कर्मचारी उत्तम पाल ने बताया कि गंगा बैराज से आगे की ओर 1,06,981 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, जबकि नरौरा से 53,211 क्यूसेक और हरिद्वार से 66,226 क्यूसेक पानी गंगा में पहुंचा। विभाग का कहना है कि बीते 24 घंटे में जितनी मात्रा में पानी आया, लगभग उतना ही आगे छोड़ दिया गया, जिससे जलस्तर नियंत्रित ढंग से बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप