home page

गांधी का ग्राम स्वराज आत्मनिर्भर और सशक्त गांव की परिकल्पना : श्याम बिहारी गुप्ता

 | 
गांधी का ग्राम स्वराज आत्मनिर्भर और सशक्त गांव की परिकल्पना : श्याम बिहारी गुप्ता


कानपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। गांधी जी का ग्राम स्वराज केवल राजनीतिक या प्रशासनिक व्यवस्था की अवधारणा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और सशक्त गांव की व्यापक परिकल्पना थी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और युवाओं की ग्रामीण विकास में भागीदारी से ग्राम स्वराज की अवधारणा को व्यवहार में उतारा जा सकता है। यह बातें गुरुवार को उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गुरुवार को सीएसजेएम विश्वविद्यालय में ‘गांधी और ग्राम स्वराज’ विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में कहीं।

महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी जयंती सेवा अभियान के तहत छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की ओर से विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम सेमिनार हॉल, स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में हुआ। मुख्य वक्ता श्याम बिहारी गुप्ता ने गांधी के ग्राम स्वराज संबंधी विचारों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने वर्तमान कृषि और ग्रामीण परिदृश्य के संदर्भ में गांधीवादी चिंतन की प्रासंगिकता बताते हुए स्थानीय उत्पादन, रोजगार, स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझकर समाधान आधारित सोच विकसित करने और गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रो. अशोक कुमार पांडेय, विभागाध्यक्ष, उद्यान विज्ञान, जनता कॉलेज, बकेवर, इटावा भी मौजूद रहे। स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी ने कृषि शिक्षा और ग्रामीण विकास के संदर्भ में महात्मा गांधी के विचारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार के साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ग्राम स्वराज, ग्रामीण विकास, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित जानकारी हासिल करने के साथ कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों तक महात्मा गांधी के विचार पहुंचाने के साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना रहा। अंत में स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के सहायक आचार्य डॉ. राकेश मिश्र ने मुख्य वक्ता, अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार जताया।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र ओझा, डॉ. श्रेया सिंह, डॉ. दीपांजलि बाग, डॉ. हृदेश राजपूत सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप