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फर्रुखाबाद: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सीएमओ ने उतारी 198 स्वास्थ्य विभाग की टीमें

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फर्रुखाबाद: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सीएमओ ने उतारी 198 स्वास्थ्य विभाग की टीमें


फर्रुखाबाद,05 सितंबर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार व्यापक अभियान चला रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में गठित चिकित्सकीय टीमें शनिवार को प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। सीएमओ ने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं टीमों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब तक 198 चिकित्सकीय टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में 432 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर/ग्राम भ्रमण किए जा चुके हैं। अभियान के दौरान अब तक 23,811 लोगों का उपचार किया गया है। इसके साथ ही लोगों को डायरिया एवं डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए 19,363 ओआरएस पैकेट तथा सुरक्षित पेयजल के लिए 29,419 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर बुखार, डायरिया, त्वचा संबंधी समस्या सहित अन्य संभावित बीमारियों से पीड़ित लोगों की जांच कर रही हैं। साथ ही लोगों को स्वच्छ पेयजल के प्रयोग, साफ-सफाई रखने, पानी को उबालकर अथवा क्लोरीन युक्त कर पीने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

सीएमओ ने बताया कि बीते 03 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की 14 चिकित्सकीय टीमें सक्रिय रहीं और उनके द्वारा 15 स्वास्थ्य शिविर/ग्राम भ्रमण किए गए। इस दौरान 654 लोगों का उपचार किया गया। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में 428 ओआरएस पैकेट एवं 922 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गईं। मच्छरों से बचाव के लिए 02 गांवों में लार्वीसाइड का छिड़काव भी कराया गया।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि बाढ़ के बाद जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सकीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करती रहें और गंभीर मरीजों की तत्काल पहचान कर उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाए। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं, ओआरएस एवं क्लोरीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर