फ्लो साइटोमेट्री से ब्लड कैंसर की सटीक जांच और रिलैप्स की जल्द पहचान संभव : डॉ संजय काला
कानपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। फ्लो साइटोमेट्री तकनीक ब्लड कैंसर (ल्यूकीमिया) की सटीक जांच के साथ बीमारी के दोबारा होने की स्थिति का जल्द पता लगाने में बेहद कारगर है। इससे अनुसंधान के साथ मरीजों के उपचार और निगरानी में भी मदद मिलती है। यह बातें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने गुरुवार को को मेडिकल रिसर्च यूनिट (एमआरयू) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय फ्लो साइटोमेट्री वर्कशॉप के शुभारंभ के दौरान कही।
मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को दो दिवसीय फ्लो साइटोमेट्री वर्कशॉप शुरू हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. संजय काला, उपप्रधानाचार्य डॉ. ऋचा गिरी, एमआरयू सचिव डॉ. सौरभ अग्रवाल और अन्य संकाय सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान प्राचार्य ने फ्लो साइटोमेट्री के अनुसंधान और क्लिनिकल महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
वर्कशॉप में प्रशिक्षण डॉ. सोनल अमित आचार्य, एएसएमसी कानपुर देहात के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ साइंटिस्ट डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी द्वारा दिया जा रहा है। डॉ. सोनल अमित ने बताया कि फ्लो साइटोमेट्री के माध्यम से रक्त और बोन मैरो की कोशिकाओं की बहु-पैरामीटर स्तर पर तेजी से और अधिक सटीक इम्यूनोफेनोटाइपिंग की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक विभिन्न प्रकार के ल्यूकीमिया और लिम्फोमा के बीच अंतर करने में उपयोगी है। इसके माध्यम से रोग की सही श्रेणी निर्धारित करने के साथ उपचार के प्रति मरीज की प्रतिक्रिया की भी निगरानी की जा सकती है। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को इस तकनीक के अनुसंधान और क्लिनिकल उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

