मोबाइल टावर से सामान चुराने वाले गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार
सुलतानपुर, 10 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम ने मोबाइल टावरों से कीमती कम्युनिकेशन डिवाइस और अन्य उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकदी, अवैध असलहे और वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार बरामद हुई है। इस सफलता के लिए पुलिस टीम को ₹25,000 के पुरस्कार की घोषणा की गई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार को कुंदा भैरोपुर सर्विस लेन के पास घेराबंदी करके पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपिताें में गाजियाबाद के लोनी निवासी सरफराज मलिक (19 ), मुजफ्फरनगर के ककरौली निवासी अंकित कुमार (29 ), मेरठ के हस्तिनापुर के सैफपुर करमचन्दपुर निवासी सुहेल मलिक (25 ), आमिर मलिक (25 ) और मो. अयूब (22 ) शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹ 1,99,800 नकद, सरफराज के पास से एक .315 बोर का अवैध तमंचा व कारतूस, अंकित कुमार के पास से एक .312 बोर का अवैध तमंचा व कारतूस, और वारदात में प्रयुक्त दिल्ली नंबर की वैगनआर कार बरामद की है।
पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया है। यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। मेरठ का यह गैंग पहले लखनऊ आकर रुकता था। सुबह के समय ये अपनी वैगनआर कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अलग-अलग जिलों में मोबाइल टावरों की रेकी करते थे। वे ऐसे टावर चुनते थे जहां कैमरे न लगे हों या सुरक्षा कम हो।
रात के सन्नाटे में ये टावर से कीमती 'अंजना डिवाइस' (लगभग 7-8 किलोग्राम वजनी) और टावर के अन्य पैनल चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद वे गाड़ी को हाईवे किनारे खड़ी करके सो जाते थे ताकि किसी को शक न हो। चोरी किए गए माल को ये कार्टूनों में पैक करते थे और उस पर 'लगेज' व 'फ्रजाइल' लिखवाकर कूरियर या अन्य माध्यमों से दिल्ली भिजवा देते थे।
दिल्ली में इनके साथी सरफराज और अनस इस माल को रिसीव करते थे। वे प्रति डिवाइस ₹20,000 से ₹40,000 के हिसाब से इसे बेच देते थे।
हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त

