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उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद बिक्री केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण

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उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद बिक्री केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण


औरैया, 09 अक्टूबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे समूहों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध खाद की मात्रा और बिक्री दर सूचना पट पर प्रदर्शित कराने तथा कालाबाजारी रोकने के लिए औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

शुक्रवार को जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में कृषि विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है और वितरण केंद्रों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बिक्री एवं वितरण केंद्र पर उपलब्ध उर्वरक की मात्रा और उसकी बिक्री दर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए और किसानों से संपर्क कर व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया जाए।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कृषि यंत्र एवं बीज योजना की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है, जल्द ही किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मृदा परीक्षण के संबंध में उन्होंने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष नमूने प्राप्त कर उनकी जांच कराई जा चुकी है। किसानों को मृदा परीक्षण कार्ड वितरित करने के साथ ही मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई संजय कुमार ने बताया कि एक अक्टूबर से नहरें बंद कर दी गई हैं, जिन्हें दिसंबर में दोबारा चालू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य समय से पूरा कराया जाए। नहरों का संचालन शुरू होने पर अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी न हो।

जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जनपद में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत से अधिक भूमि का समतलीकरण कराया जा चुका है। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बागवानी मिशन के तहत केले और स्ट्रॉबेरी सहित अन्य फसलों की खेती कराई जा रही है। जैविक खेती और मसाला खेती के लिए भी लक्ष्य के अनुरूप किसानों का चयन कर उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को लाभान्वित किसानों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उनकी आय में हुई वृद्धि और विभाग के योगदान का आकलन किया जा सके। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी को निर्देश दिए कि उद्यान एवं रेशम विभाग की योजनाओं से स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण दिलाया जाए और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी, जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार, एआर कोऑपरेटिव संजीव गौतम, अधिशासी अभियंता सिंचाई संजय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार