आस्था के साथ स्वास्थ्य का संदेश: गंगोत्री देवी महाविद्यालय में व्रत बना ‘सुपर न्यूट्रिशन डाइट’
--व्रत को सही पोषण से जोड़ना समय की आवश्यकता: डॉ गौरी पांडेय
गोरखपुर, 19 मार्च (हि.स.)। नवरात्रि के पावन अवसर पर जब देश भर में आस्था का वातावरण है, ऐसे समय में गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर ने व्रत को स्वास्थ्य और विज्ञान से जोड़ते हुए एक अनुकरणीय पहल प्रस्तुत की।
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित “फलाहार, पोषण एवं स्वास्थ्य” कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि व्रत धार्मिक आस्था के साथ संतुलित आहार के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन का एक सशक्त और वैज्ञानिक अवसर भी है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबंध निदेशक आशुतोष मिश्र ने किया। उन्होंने कहा,
“संतुलित आहार के बिना व्रत केवल उपवास बनकर रह जाता है, लेकिन जब इसमें पोषण का समावेश होता है, तब वही व्रत शरीर के लिए ऊर्जा, संतुलन और सम्पूर्ण स्वास्थ्य का आधार बन जाता है।” उन्होंने इसे “आस्था और विज्ञान के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण” बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया गया व्रत शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को सक्रिय कर ऊर्जा का पुनर्निर्माण करता है।
प्राचार्य डॉ. गौरी पांडेय ने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में व्रत के दौरान पोषण की अनदेखी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कहा, “व्रत को सही पोषण के साथ अपनाना आज की आवश्यकता है, तभी यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।”
उन्होंने छात्राओं एवं शिक्षिकाओं के प्रयास को समाज के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया।
कार्यक्रम में बी.ए. एवं एम.ए. गृह विज्ञान तथा एमएससी आहार एवं पोषण की छात्राओं ने 20 से अधिक प्रकार के संतुलित एवं पौष्टिक फलाहार प्रस्तुत किए। इनमें ड्राई फ्रूट लड्डू, एनर्जी ड्रिंक, संतुलित फल चाट, प्रोटीन युक्त पेय तथा साबूदाना आधारित हेल्दी व्यंजन प्रमुख रहे। इन सभी व्यंजनों को विशेष रूप से महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों की पोषण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, व्रत के दौरान संतुलित फलाहार का सेवन पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मानसिक एकाग्रता में सुधार लाता है। इस दृष्टि से यह आयोजन व्रत को “हेल्थ फेस्टिवल” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर सामने आया।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिकाएं डॉ. रेनू गौर, डॉ. कुमुद त्रिपाठी, तृप्ति सिंह, शिवांगी त्रिपाठी एवं प्रिया श्रीवास्तव की सक्रिय एवं मार्गदर्शक भूमिका रही, जिनके निर्देशन में छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. कुमुद त्रिपाठी ने कहा कि यह आयोजन न केवल एक शैक्षिक गतिविधि रहा, बल्कि समाज को यह संदेश देने में भी सफल रहा कि सही जानकारी और संतुलित आहार के साथ व्रत को “स्वास्थ्य उत्सव” में बदला जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

