प्रेमानंद आश्रम से लापता हुए युवाओं के परिजनों ने काटा हंगामा, सेवादारों पर अभद्रता का आरोप
मथुरा, 03 सितम्बर (हि.स.)। वृंदावन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत संत प्रेमानंद के शिष्य के आत्महत्या मामले के बाद से श्रीराधा केलिकुंज आश्रम की गतिविधियों को लेकर प्रेमानंद महाराज का आश्रम काफी चर्चाओं में आ गया है। शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से कई ऐसे परिवार वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे, जिनके बच्चे घर से संत प्रेमानंद के दर्शन करने की कहकर निकले थे और वापस नहीं लौटे। पीड़ित परिवारों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद वहां काफी हंगामा देखने को मिला।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी उज्जवला ताकपिरे का इकलौता 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर ताकपिरे गत 21 जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। उसने घर पर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। बेटे की कोई खबर न मिलने पर मां उज्जवला 23 जुलाई को वृंदावन स्थित कैलीकुंज आश्रम पहुंचीं। उन्होंने लगातार आठ दिनों तक क्षेत्र में खोजबीन की, जहां आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम दिखाई भी दिया।
हाल ही में 25 सितंबर को कैलीकुंज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की दुखद मौत की खबर के बाद से मां की चिंता और बढ़ गई है। वह अपने बेटे की सलामती की आस में चौथी बार महाराष्ट्र से वृंदावन आई हैं। मां उज्जवला ने इस संबंध में महाराष्ट्र के स्थानीय थाने में पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है और अब वृंदावन प्रशासन से बेटे को ढूंढ़ निकालने की भावुक अपील कर रही हैं। दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज का है। आवास विकास कॉलोनी निवासी चन्द्रपाल सिंह चौहान का 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान गत 7 अगस्त को घर से वृंदावन दर्शन की बात कहकर निकला था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों के अनुसार मयंक की संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अटूट आस्था थी और वह नियमित रूप से नाम-जाप किया करता था। पिता चन्द्रपाल सिंह चौहान को आशंका है कि मयंक अपनी धार्मिक रुचि के कारण महाराज जी के आश्रम या उसके आसपास ही रुक गया है। शिकायत कासगंज थाने में दर्ज कराई गई है। पिता अब वृंदावन कोतवाली और आसपास के क्षेत्रों में उसकी लगातार तलाश कर रहे हैं। दोनों ही मामलों में बदहवास परिजन अपने-अपने बच्चों की तलाश में वृंदावन की गलियों और कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। परिजनों ने बताया कि सेवादारों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और बदसलूकी की, तथा कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ भी अभद्रता की। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हंगामे और अव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच और विधिक कार्रवाई में जुटी है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

