home page

समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक बहस से विकसित होती है आलोचनात्मक सोच : डॉ. दिवाकर अवस्थी

 | 
समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक बहस से विकसित होती है आलोचनात्मक सोच : डॉ. दिवाकर अवस्थी


कानपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए समसामयिक विषयों पर तथ्यपरक और संतुलित बहस आवश्यक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, तार्किक विश्लेषण और निष्पक्ष दृष्टिकोण विकसित करते हैं। यह बातें शुक्रवार को सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शुक्रवार को FCRA Bill-2026 विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को समसामयिक विधायी और नीतिगत विषयों पर तार्किक चिंतन, तथ्यपरक विश्लेषण तथा लोकतांत्रिक संवाद के प्रति जागरूक करना था।

प्रतियोगिता में स्नातक (पत्रकारिता) प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को पक्ष और विपक्ष के दो समूहों में विभाजित किया गया। एक समूह ने विधेयक के समर्थन में अपने तर्क रखे, जबकि दूसरे समूह ने इसके विभिन्न प्रावधानों की आलोचनात्मक समीक्षा प्रस्तुत की। दोनों पक्षों ने विधेयक के कानूनी, सामाजिक, आर्थिक, लोकतांत्रिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर तथ्य एवं उदाहरणों के साथ अपने विचार रखे।

बहस के दौरान विदेशी अंशदान के नियमन, गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका, पारदर्शिता, जवाबदेही, राष्ट्रीय हित और नागरिक समाज की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। प्रतिभागियों की शोधपरक तैयारी और प्रभावशाली प्रस्तुति की शिक्षकों ने सराहना की। प्रतियोगिता में अभि पांडेय, काव्या सिंह, देवांशी, अभिषेक, मानवी, आर्या और दिव्या ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का समन्वय सहायक आचार्य डॉ. हरिओम कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल सूचना तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें विभिन्न पक्षों का निष्पक्ष और तार्किक विश्लेषण करना भी सिखाती हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के समसामयिक विषयों पर ऐसे संवाद और वाद-विवाद आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप