home page

इटावा : प्रजनन केंद्र में संरक्षित जमुनापारी प्रजाति की 40 बकरे- बकरियों की हुई मौत, एक माह से अज्ञात बीमारी की चपेट में बकरियां

 | 
इटावा : प्रजनन केंद्र में संरक्षित जमुनापारी प्रजाति की 40 बकरे- बकरियों की हुई मौत, एक माह से अज्ञात बीमारी की चपेट में बकरियां


इटावा : प्रजनन केंद्र में संरक्षित जमुनापारी प्रजाति की 40 बकरे- बकरियों की हुई मौत, एक माह से अज्ञात बीमारी की चपेट में बकरियां


इटावा : प्रजनन केंद्र में संरक्षित जमुनापारी प्रजाति की 40 बकरे- बकरियों की हुई मौत, एक माह से अज्ञात बीमारी की चपेट में बकरियां


- उत्तम प्रजाति की बकरियों में सांस फूलने के साथ-साथ लंग्स में हो रही दिक्कत

- अनुसंधान केंद्र मथुरा और आईवीआरआई बरेली में भेजे सैंपल में भी नहीं पता लगी बीमारी

-प्रजनन केंद्र में ब्रीड बढ़ाने के लिए मार्च में खरीदे गए थे 110 बकरी- बकरा

इटावा, 07 जुलाई (हि.स.)। देश विदेश में प्रसिद्ध सबसे उत्तम प्रजाति जमुनापारी बकरी इटावा के चंबल इलाके चकरनगर क्षेत्र में पाई जाती है। इस बकरी में विशेषताएं होने की वजह से इसकी वियतनाम, जापान, बांग्लादेश सहित कई देशों में बड़ी मांग रहती है। इस प्रजाति को संरक्षित करने के लिए इटावा में एक भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन केंद्र बनाया गया है, इस पर प्रतिवर्ष इनकी प्रजाति को संरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इटावा की प्रजनन केंद्र में अचानक से बकरियां में सांस लेने की दिक्कत और फेफड़ों में तकलीफ होने की वजह से एक माह में 40 बकरियों की मौत हो गई है। इन मौतों से प्रशासनिक अमला परेशान हो गया है, अचानक अज्ञात बीमारी होने की वजह से इसके सैंपल मथुरा अनुसंधान केंद्र और आईवीआरआई बरेली अनुसंधान केंद्र पर भेजे गए लेकिन उनकी रिपोर्ट में भी वायरस का पता नहीं चल पाया, जिससे बीमारी अभी भी अज्ञात बनी हुई है।

भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉक्टर डीके मिश्रा के अनुसार मार्च माह में औरैया जनपद में लगे मेले से 50 बकरियां और पांच बकरे 65 हजार रुपये से लेकर 80 हजार रुपये की दर से खरीदे गए और इटावा में लगे मेले से भी 50 बकरी और 5 बकरों की खरीददारी की गई। इस प्रकार से मार्च के महीने में 110 बकरा बकरी प्रजनन केंद्र लाये गए, प्रजनन केंद्र में अचानक से जून के महीने में एक अज्ञात बीमारी फैल गई, जिस कारण एक माह में 40 बकरे बकरियां और उनके बच्चों की मृत्यु हो गई है। इससे पशुपालन विभाग परेशान हो गया। बीमारी का भी पता नहीं चल पा रहा है।

संयुक्त निदेशक डॉक्टर डीके मिश्रा ने बताया कि बीमार बकरियों का सैंपल भी भेजे गए लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आने की वजह से बीमारी नहीं पता चल पाई है, अभी भी पांच बकरियां बीमार है, जिनको अलग बाड़े में रखा गया है। उनका उपचार चल रहा है।

मृत बकरियों के शवों के पोस्टमार्टम भी कराये गए है, इसमें माइक्रो प्लाजा व अन्य बीमारियों की आशंका भी हुई है, खांसी व दम फूलने के मुख्य कारण है, इससे बकरियों की लगातार मौत हुई है अन्य जिलों से आई टीम भी बकरियों की मौत को लेकर जांच कर रही हैं अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह